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दोस्त ने ही मारा था इलाहाबाद के युवक को

Sun, 17 Jan 2016 11:45 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो प्रतापगढ़
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इलाहाबाद के नवाबगंज निवासी युवक की कुशाहिल बाजार में हुई हत्या का पुलिस ने खुलासा करने का दावा किया है। पुलिस के मुताबिक दोस्त ने उसे मार डाला था। वह प्रेमिका को फोन कर गालीगलौज करने के साथ ही धमकी देने को लेकर उससे नाराज था। पुलिस ने हत्यारोपी युवक के साथ ही उसके ममेरे भाई को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। उनकी निशानदेही पर मृतक का मोबाइल और जूता भी बरामद किया है।
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पुलिस अधीक्षक एमपी वर्मा रविवार को पुलिस लाइन के सई काम्पलेक्स में संजीव के हत्यारोपी जिगरी दोस्त महेंद्र यादव को मीडिया के सामने लाए। एसपी ने बताया कि 13 जनवरी को कुशाहिल बाजार में आम की बाग के पास संजीव कुमार यादव उर्फ कल्लू निवासी लाई थाना नवाबगंज जनपद इलाहाबाद का शव मिला था। घटनास्थल पर ही खून से सना बैट भी मिला। इस मामले में मृतक के पिता ने पास के ही गांव के पिता-पुत्री के खिलाफ आशंका जताते हुए मुकदमा दर्ज कराया था। मीडिया के सामने हत्यारोपी महेंद्र ने अपना जुर्म कुबूल करते हुए बताया कि उसका मानिकपुर थाना क्षेत्र में रिश्तेदार की एक युवती से प्रेम संबंध है।

 उसने यह बात अपने जिगरी दोस्त मृतक संजीव से बताई थी। किसी तरह महेंद्र से उसकी प्रेमिका का मोबाइल नंबर संजीव ने हासिल कर लिया। 12 जनवरी को संजीव ने उसकी प्रेमिका के पास फोन कर गालीगलौज करने के साथ ही उसे धमकाया था। इस बात की जानकारी प्रेमिका ने उसे देते हुए मोबाइन नंबर बताया था। चूंकि संजीव ने एक दिन पहले ही नया नंबर लिया था। इसलिए महेंद्र उस नंबर से अनजान था। प्रेमिका से मिले नंबर पर उसने फोन किया तो संजीव का मोबाइल बज उठा और उस पर उसका नंबर आने लगा।
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बस यही बात उसे नागवार गुजरी और उसने उसे रात में घुमाया और शराब भी पिलाई। इसके बाद कुशाहिल बाजार लाकर उसके ऊपर बैट से प्रहार कर मौत के घाट उतार दिया। इसके बाद वह ममेरे भाई धीरेंद्र यादव पुत्र मेवालाल यादव निवासी झाली का पुरवा मजरा बरना थाना हथिगवां के घर पहुंचा। उसकी मदद से संजीव का मोबाइल गड़ही में फेक दिया और खून से सने कपड़ों को जला दिया और जूते जमीन में गाड़ दिए। एसपी ने बताया कि एसओ प्रमेंद्र सिंह ने आरक्षी शिवेंद्र सिंह, अमित यादव की मदद से महेंद्र व उसके ममेरे भाई धीरेंद्र यादव को गिरफ्तार करते हुए मोबाइल व हत्यारोपी का जूता बरामद कर लिया गया। पुलिस अधीक्षक ने सराहनीय कार्य करने वाली पुलिस टीम को पांच हजार रुपये से पुरस्कृत किया है।

हत्यारोपी महेंद्र यादव अपने करीबी दोस्त संजीव को दावत का लालच देकर अपने साथ ले गया। उसने आनापुर बाजार में नया बैट खरीदा। कुंडा पेट्रोल पंप के पास दोनोें ने शराब पी। फिर बुलाकीपुर होते हुए कुशाहिल बाजार पहुंचे। वहां संजीव बाग के पास बैठ गया। बैट लेकर पीछे से महेंद्र ने संजीव के सिर पर प्रहार किया। वह उससे कारण पूछते हुए जान की भीख मंागने लगा, लेकिन महेंद्र की आंखों में जैसे खून उतर गया था। वह बैट से उसे बुरी तरह पीटता रहा। उसकी मौत के बाद ही उसका बैट थमा।
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अपर पुलिस अधीक्षक पश्चिमी दिनेश सिंह ने बताया कि महेंद्र शातिर किस्म का है। वह वर्ष 2009 में पंजाब और उसके बाद पूना चला गया। बगंलौर में एम कोर नामक कंपनी में काम करने लगा। जहां उसने बिहार के पप्पू गुप्ता के साथ मिलकर 12 जनवरी 2015 को कंपनी के एक कर्मचारी की लोहे के राड से पीटकर हत्या कर दी थी। इस मामले में जेल से सितंबर 2015 में जमानत पर छूटा था। 12 जनवरी 2016 को संजीव को भी मार डाला। पुलिस ने हत्या में प्रयुक्त बाइक भी बरामद की है।
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