सिंगाही क्षेत्र के गांव खैरीगढ़ में शनिवार रात साढ़े नौ बजे छह-सात हथियारबंद बदमाशों ने कोल्हू मालिक रामबली गुप्ता के घर पर धावा बोलकर उनकी तीन बेटियों का अपहरण कर लिया। बदमाश कोल्हू मालिक की पत्नी और नौकरानी को भी साथ ले गए लेकिन कुछ दूर बाद उन्हें छोड़कर फरार हो गए। इस वारदात के एक घंटे बाद ही बदमाशों ने गुप्ता को फोन किया और तीनों बेटियों की रिहाई की एवज में 50 लाख रुपये की फिरौती देने की मांग की। सूचना पर डीआईजी डीके चौधरी और एसपी अखिलेश चौरसिया ने रात में ही घटना स्थल का जायजा लिया। पुलिस फोर्स लगातार कांबिंग कर रही है लेकिन न तो बदमाशों का कुछ पता लगा न ही अपहृत बहनों के बारे में कोई जानकारी हो सकी।
जंगल किनारे बसे गांव खैरीगढ़ में रहने वाले गुप्ता बड़े किसान हैं। गांव में उनके दो घर हैं, जिनमें से एक पर उन्होंने कोल्हू लगा रखा है जबकि दूसरे घर में परिवार रहता है। रामबली के मुताबिक शनिवार को उनका बेटा किशन कुमार अपनी पत्नी और दोनों बेटियों के साथ लखीमपुर खीरी गया हुआ था। रात में कोल्हू बंद कराकर वह घर पहुंचे ही थे कि छह नकाबपोश बदमाशों ने घर पर धावा बोल दिया।
इस दौरान उनकी पत्नी मुन्नी देवी तीनों बेटियों और नौकरानी तारा के साथ घर के बाहर बने स्थान पर आग ताप रही थीं। बदमाशों ने पहले तो रामबली से गाली-गलौज करते हुए उन्हें जान से मारने की धमकी दी। इसके बाद उनकी 22 वर्षीय बेटी उपमा, 21 वर्षीय रोहिणी और 18 वर्षीय संतोषी के साथ पत्नी मुन्नी देवी और नौकरानी तारा को हथियारों के जोर पर घसीटते हुए गांव के बाहर करीब दो सौ मीटर दूर ले गए, जहां पहले से तीन मोटर साइकिल खड़ी थीं। बदमाशों ने तीनों बहनों को मोटर साइकिलों पर बैठा लिया। मुन्नी देवी और तारा को हाथ पकड़कर खींचते हुए करीब एक किलोमीटर दूर तक ले गए और उसके बाद मुन्नी देवी के कानों के कुंडल खींचने के बाद उन दोनों को वहीं छोड़कर फरार हो गए।
करीब 15 मिनट बाद मुन्नी देवी और तारा रोती-कलपती हुई घर पहुंचीं। घटना की सूचना दिए जाने के बाद मौके पर पहुंचे एसओ जेपी यादव और सीओ मोहम्मद इब्राहिम ने मौका-मुआयना किया। पुलिस ने अगवा बहनों को आसपास तलाश करने की भी कोशिश की लेकिन उनका कुछ पता नहीं लगा। एक घंटे बाद ही उपमा के मोबाइल फोन से बदमाशों ने रामबली को फोन कर 50 लाख की फिरौती मांगी। रामबली की सबसे बड़ी बेटी उपमा कर्नाटक में बीएएमएस कर रही है। दूसरी रोहिणी लखीमपुर खीरी के कॉलेज में बीए और सबसे छोटी संतोषी लखीमपुर खीरी में ही इंटर की पढ़ाई कर रही है। तीनों बहनें मकर संक्रांति पर गांव में अपने घर आई हुई थीं।
एसपी अखिलेश चौरसिया ने बताया कि पिता की तहरीर पर अज्ञात बदमाशों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर अपहृत लड़कियों को सकुशल बरामद करने का हर संभव प्रयास किया जा रहा है। बार्डर पर एसएसबी को अलटकर दिया गया है। जंगल में भी कांबिंग की जा रही है।