कुंडा कोतवाली क्षेत्र के मकोइया गांव निवासी पप्पू ने ही अपनी पत्नी और चार साल के बच्चे का कत्ल किया था। राज खुलने के डर से दोनों के शवों को बोरे में भरकर साइकिल से दुअर नाले में फेंक आया। पत्नी से दहेज को लेकर चल रहे मुकदमे में सुलह न करने की धमकी से वह आक्रोशित था। सोमवार को पुलिस ने मन्नान बाजार से उसे गिरफ्तार कर मंगलवार को घटना का खुलासा किया।
पप्पू की शादी हथिगवां के मोहद्दीपुर गांव निवासी समुंदरा पत्नी नोखेलाल की बेटी सीमा से हुई थी। उससे एक बेटा था। शादी के कुछ साल बाद वह कहीं चली गई थी। इसके बाद उसे न लाने पर उसके परिजनों ने पप्पू पर दहेज उत्पीड़न का मुकदमा कर दिया। बाद में पंचायत होने पर वह उसे घर लाया, लेकिन उसके पेट में बच्चा होने की बात सुनकर उसका माथा घूम गया। उसे शक था कि उसकी पत्नी के किसी और से भी संबंध हैं। उधर, छह जनवरी को मुकदमे की तारीख पर सीमा के परिजन सुलह की बात कह रहे थे, लेकिन सीमा इसके लिए राजी नहीं हो रही थी। रात में इसको लेकर विवाद हुआ तो सीमा ने एक बार फिर उसे जेल भेजने की धमकी दी।
इस पर वह आक्रोशित हो गया और घर में पड़े लोढ़े से उस पर वार कर दिया। इसके बाद चाकू से उसकी गर्दन काटने का प्रयास किया। नाकाम होने पर हल के फार से उस पर कई वार कर दिए। घटना देख रहे चार साल के बेटे शिवा को उसने रोते देखा तो राज खुलने के डर से उस पर भी लोढ़े हमला कर दिया। इससे उसकी भी मौत हो गई। दोनों शवों को बोरे में भरकर साइकिल से नाले में फेंक आया। पुलिस ने सोमवार को मन्नान बाजार से गिरफ्तार कर लिया। इसके साथ ही उसके घर से आला कत्ल बरामद करते हुए वह साइकिल भी बरामद की जिससे शव फेंके गए थे। इसके बाद उसने पूरी हकीकत उगल दी। उसने अपना अपराध स्वीकार कर लिया है।
हत्या के बाद चार साल के शिवा का शव नाले में फेंकने की बात पप्पू स्वीकार कर रहा है, लेकिन उसका शव अभी भी बरामद नहीं हो सका है। माना जा रहा है कि नहर का पानी नाले में आने से शव बहकर दूर चला गया होगा। पप्पू, उसके पिता, मां और बहन पर पुलिस ने हत्या, मानसिक उत्पीड़न और साक्ष्य छिपाने का मुकदमा दर्ज कर लिया था। इन्हीं धाराओं में पप्पू को जेल भेज दिया गया है।