पुलिस अधीक्षक माधव प्रसाद वर्मा की जांच में वज्र वाहन में लगा स्मोक कैंडिल लांचर फेल मिला। चार थानेदारों के वाहन भी कंडम मिले। सभी को बदलने का निर्देश दिया गया। सुरक्षा उपकरण भी देखे गए।
पुलिस लाइन के सई काम्पलेक्स में रविवार को अपराध समीक्षा बैठक के पहले पुलिस अधीक्षक एमपी वर्मा ने थानेदारों की सुरक्षा में प्रयोग होने वाले बाडी प्रोटेक्टर, वाहन समेत अन्य सामान देखे।
पुलिस अधीक्षक ने वज्र वाहन के उपकरणों की जांच करनी प्रारंभ की। एसपी ने वज्र वाहन पर तैनात पुलिसकर्मियों से छत पर लगे आंसू गैस दागने वाले गन स्मोक कैंडिल लांचर को चलवाया। पुलिसकर्मी उससे फायर नहीं कर सके। एसपी ने कारण पूछा तो पता चला कि वह खराब है। काफी मशक्कत के बाद भी स्मोक कैंडिल लांचर को चलाने में पुलिसकर्मी नाकाम रहे। निरीक्षण के दौरान महेशगंज, मानिकपुर, उदयपुर व संग्रामगढ़ आदि थानाध्यक्ष ने वाहन खराब होने की समस्या से अवगत कराया गया।
बताया कि इससे घटना के बाद जल्दी पहुंचने में दिक्कत होती है। यह सुनते ही एसपी ने आरआई को तत्काल वाहनों की मरम्मत कराने व दूसरे वाहन आवंटित कराने का फरमान सुनाया। पुलिस अधीक्षक ने अपराध समीक्षा बैठक में मातहतों से कहा कि अपराधियों पर बराबर नजर रखी जाए। छोटे बड़े मामले की खबर मिलने के बाद उसे तत्काल देखा जाए। कभी कभी छोटे विवाद बड़े बवाल का रूप धारण कर लेते हैं। वांछित अपराधियों की धरपकड़ के लिए हरसंभव प्रयास करना होगा। एसपी ने कहा कि लापरवाही बरतने वालों पर कार्रवाई होगी। इस मौके पर अपर पुलिस अधीक्षक पश्चिमी दिनेश सिंह, अपर पुलिस अधीक्षक पूर्वी नीरज पांडेय, सीओ सिटी मनीष मिश्रा आदि मौजूद रहे।