यह खबर आपको परेशान कर सकती है। पुलिस रिकार्ड के मुताबिक जो आंकड़े सामने आए हैं वह हैरान करने वाले हैं। ऐसे में हर किसी को सावधान रहने की जरूरत है। जिले में बीते ग्यारह माह के भीतर डेढ़ सौ बच्चों के साथ यौन शोषण की घटनाएं हुई हैं। इनमें कई मासूमों के साथ तो दुष्कर्म भी हुआ है। नौ बच्चों को वहशी दरिंदों ने गायब कर दिया। उनका अब तक कोई सुराग नहीं लग सका है। गौर करने वाली बात यह है कि यह वे आंकड़े हैं जो पुलिस रिकार्ड में दर्ज हैं। इसके अलावा भी दर्जनों इस तरह की घटनाएं हुई हैं। जिसमें पुलिस ने या तो मामला दर्ज नहीं किया या फिर घरवाले लोकलाज के डर से पुलिस के पास पहुंचे ही नहीं।
जनपद में बाल यौन शोषण के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। लोकलाज का भय दिखाकर किसी को शांत करा दिया जाता है तो किसी के मामले में पुलिस मुकदमा दर्ज नहीं करती। दोनों पक्षों को बुलाकर समाज में उसकी साख गिरने का भय दिखाकर समझौता करा दिया जाता है। मामला अधिकारियों के पास पहुंचता है तब जाकर पुलिस हरकत में आती है। पुलिस के अभिलेखों में जनवरी से लेकर नवंबर 2015 तक बाल यौन अपराध के जो आंकड़े हैं वह काफी चौंकाने वाले हैं। सबसे अधिक नगर कोतवाली में बाल अपराध की घटनाएं सामने आई हैं।
यहां 11 माह के भीतर 6 मासूमों को दरिंदों ने अपनी हवस का शिकार बनाया। जबकि 17 मामले पास्को एक्ट के सामने आए हैं। जिसमें मासूम या किशोरी के साथ दुष्कर्म के प्रयास की बात आई है। दो किशोर अभी भी लापता चल रहे हैं। आशंका है कि दरिंदों ने उन्हें अपना शिकार बनाने के बाद ठिकाने लगा दिया होगा। अंतू व रानीगंज में भी बाल उत्पीड़न की घटनाओं में इजाफा हुआ है। हाल ही में रानीगंज के जरियारी की रहने वाली एक मासूम के साथ पड़ोसी ने घिनौना कृत्य किया था। घटना की खबर मिलने के बाद पुलिस अधीक्षक को भी थाने पहुंचकर मामले की पड़ताल करनी पड़ी थी। सूत्रों की मानें तो गत वर्ष बाल अपराध के मामले कम हुए थे। इस बार 11 महीने के भीतर पूरे जिले में 145 बाल यौन शोषण के मामले में सामने आए हैं। जिसमें से नौ मासूम/ किशोर अभी गायब चल रहे हैं।