मंगलवार को हिस्ट्रीशीटर कृष्णदेव पांडेय उर्फ चुनमुन की हत्या करने वालों तक पुलिस को पहुंचाने में उसका मोबाइल मदद करेगा। उसकी अंतिम बार जिस नंबर पर बात हुई थी वह मोबाइल बंद चल रहा है। पुलिस कॉल डिटेल के साथ चुनमुन से बराबर संपर्क करने वाले और उस नंबर से फोन करने वाले की खोजबीन कर रही है।
इलाहाबाद-फैजाबाद राजमार्ग पर गजेहड़ा जंगल पुलिस बूथ के सामने मंगलवार को दुस्साहस का परिचय देते हुए नकाबपोश बदमाशों ने हिस्ट्रीशीटर कृष्णदेव पांडेय उर्फ चुनमुन निवासी सदर बाजार को गोलियों से भून दिया था। यात्रियोें के मुताबिक चुनमुन मोबाइल पर किसी से बात करते हुए बराबर अपनी लोकेशन भी बता रहा था। प्राइवेट बस के चालक व परिचालक ने पुलिस को दिए बयान में बताया है कि वह काफी चौकन्ना था। बस धीमी होते ही बाहर जरूर देखने लगता। उसके पास फोन करने वाला बराबर उससे बस पहुंचने की जानकारी ले रहा था। पुलिस ने चुनमुन का मोबाइल कब्जे में लेकर उस नंबर को ट्रेस करने की कोशिश की, लेकिन वह बंद चल रहा है।
मंगलवार को जितने भी नंबर से फोन आए थे, सभी नंबरों को खंगालने के बाद पुलिस उस नंबर से फोन करने वाले की खोजबीन कर रही है जिससे चुनमुन के पास कई बार फोन आया था। उस मोबाइल का कॉल डिटेल निकालने के लिए पुलिस ने मोबाइल की कंपनी से बात की है। एसओ मानधाता ने बताया कि घटना को अंजाम देने वाले नकाबपोश हत्यारों की खोजबीन की जा रही है। काल डिटेल से हत्यारों तक पहुंचने की उम्मीद है। चुनमुन के करीबी ने ही मुखबिरी कर हत्यारों को उसकी लोकेशन बताई है।
चुनमुन पांडेय को नकाबपोश बदमाशों ने गोली से छलनी कर दिया था। पोस्टमार्टम के पहले मृतक के शव का एक्सरे कराया गया। लीवर व किडनी में तीन बुलेट फंसी मिलीं। जबकि तीन गोलियां उसके शरीर को पार कर गई थीं। कड़ी सुरक्षा के बीच शव का पोस्टमार्टम हुआ। इसके बाद पुलिस ने शव को परिजनों के हवाले कर दिया। पुलिस की मौजूदगी में शव का अंतिम संस्कार किया गया।