सोमवार देर शाम इलाहाबाद-लखनऊ हाईवे पर वाहन चेकिंग के दौरान जिलाधिकारी अमृत त्रिपाठी को इंडिका कार से 50 लाख रुपये दो बैगों में भरे मिले। जिसे कब्जे में लेकर कार सवार लोगों से पूछताछ होती रही, लेकिन वे संतोषजनक जवाब नहीं दे सके। डीएम ने मामले की जानकारी इनकम टैक्स विभाग को देते हुए प्रकरण की जांच का निर्देश दिया है।
पंचायत चुनाव के चौथे चरण का चुनाव सकुशल संपन्न कराने के लिए सोमवार को जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक कुंडा तहसील क्षेत्र के भ्रमण पर निकले। इस दौरान हथिगवां थाना क्षेत्र की सीमा पर इलाहाबाद-लखनऊ हाईवे पर वाहनों की चेकिंग कराने लगे। इस बीच एक इंडिका कार को पुलिसकर्मियों ने रोका। कार की तलाशी के दौरान दो बैग में रुपयों की गड्डी देख सब दंग रह गए। डीएम ने कार सवार लोगों से पूछताछ की तो उन लोगों ने बताया कि वे इलाहाबाद के यूनाइटेड बैंक आफ इंडिया से रुपये लेकर कुंडा स्थित यश बैंक ले जा रहे हैं।
वे लोग प्राइवेट एजेंसी के कर्मचारी हैं। हालांकि वहां के बैंक से रिसीव रुपयों के कागजात वे नहीं दिखा सके। अधिकारियों के सवालों का सही जवाब कार सवार शिव प्रसाद कुशवाहा, प्राइवेट गार्ड अरविंद तिवारी व चालक मोहम्मद इरफान नहीं दे सके। डीएम के निर्देश पर तीनों से हथिगवां पुलिस पूछताछ कर रही है। कार व रुपयों को कब्जे में लेकर इनकम टैक्स विभाग को मामले की जानकारी देते हुए जांच करने का निर्देश जिलाधिकारी ने दिया है। उन्होंने बताया कि आयकर विभाग व पुलिस की जांच के बाद ही आगे की कार्रवाई होगी।
हथिगवां थाना क्षेत्र में मातहतों की कार्यप्रणाली से खफा जिलाधिकारी खुद हाईवे पर वाहनों की चेकिंग करने पहुंचे। कार से 50 लाख रुपये मिलने की खबर जैसे ही कुंडा इलाके में पहुंची, लोग इस बात की चर्चा करने लगे कि जिला पंचायत के चुनाव में कई लोगों की प्रतिष्ठा दांव पर लगी है। कहीं रुपये मतदाताओं के बीच वितरित करने के लिए तो नहीं भेजे गए थे। अब असलियत तो जांच के बाद ही सामने आएगी।