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सामूहिक दुष्कर्म की शिकायत पर हड़कंप

Mon, 28 Sep 2015 11:22 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, प्रतापगढ़
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कस्बे के एक नर्सिंगहोम में भर्ती एक किशोरी से स्टाफ द्वारा सामूहिक दुष्कर्म की सूचना से हड़कंप मच गया। पिता की शिकायत पर नर्सिंगहोम स्टाफ को पुलिस ने हवालात पहुंचा दिया। करीब दो घंटे तक चले ड्रामे के बाद मामले का पटाक्षेप हो गया। वकीलों के बीच-बचाव और पिता के शिकायत वापस लेने पर आरोपियों को छोड़ दिया गया।
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महेशगंज इलाके के एक वकील की करीब पंद्रह वर्षीय बेटी को इलाज के लिए लालगंज कस्बे के एक नर्सिंग होम में भर्ती कराया गया था। सोमवार को पिता लालगंज के एक अधिवक्ता के साथ कोतवाली पहुंचे और नर्सिंगहोम के स्टाफ पर बेटी से सामूहिक दुराचार का आरोप लगाते हुए शिकायत की। नर्सिंगहोम में सामूहिक दुष्कर्म की बात सामने आते ही पुलिस के हाथ-पांव फूल गए। पुलिस नर्सिंगहोम पहुंची और आरोपी कर्मचारियों को हवालात में डाल दिया गया।

संचालक को भी पूछताछ के लिए कोतवाली बुलाया गया। इसकी जानकारी होते ही तहसील के कई अधिवक्ता नर्सिंगहोम संचालक के पक्ष में कोतवली पहुंच गए। सभी को निर्दोष बताते हुए हंगामा करने लगे। पुलिस ने समझाने का प्रयास किया, मगर हंगामा बढ़ता गया तो उच्चाधिकारियों जानकारी दी गई। उच्चाधिकारियों के निर्देश पर दोनों पक्षों की सहमति से चार सदस्यीय वकीलों का दल पुलिस के साथ पीड़िता से पूछताछ के लिए नर्सिंगहोम पहुंचा। पूछताछ में पीड़िता ने कुछ विवाद तो बताया, मगर दुष्कर्म की बात से इंकार कर दिया। इसके बाद सभी कोतवाली पहुंचे और दोनों पक्षों के बीच सारी बात रखी गई। काफी देर ड्रामे के बाद सामूहिक दुष्कर्म का आरोप निराधार साबित हुआ। किशोरी के पिता ने कोतवाल को लिखित दिया कि वह बेटी की बात ठीक से समझ नहीं सका जिसके चलते उसने सामूहिक दुष्कर्म की शिकायत कर दी थी।
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 इसके बाद दोनों पक्ष कोतवाली से चले गए। बाद में पुलिस ने नर्सिंगहोम के स्टाफ व संचालक को छोड़ दिया। इस बावत कोतवाल एसपी त्रिपाठी ने बताया कि पिता की शिकायत पर नर्सिंगहोम के स्टाफ को पूछताछ के लिए बुलाया गया था। बाद में पिता ने गलतफहमी व आवेश में शिकायत करने की बात कहकर शिकायत वापस ले ली। इसके चलते सभी आरोपियों को छोड़ दिया गया। देर शाम अपर पुलिस अधीक्षक पश्चिमी दिनेश सिंह और महिला एसओ दुर्गावती ने भी अस्पताल में पीड़िता से पूछताछ की।
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