अपहरण के मामले में आरोपी से घूस मांगने वाले हथिगवां थाने में तैनात दरोगा को एंटी करप्शन की टीम ने बुधवार को रंगेहाथ धर दबोचा। उसके पास से रिश्वत में लिए गए छह हजार रुपये भी बरामद हुए। टीम के लोग उसे पकड़कर अपने साथ कुंडा कोतवाली ले आए। जहां सीओ कुंडा की मौजूदगी में पूछताछ के बाद देर रात तक लिखापढ़ी की कार्रवाई जारी थी।
हथिगवां थाना क्षेत्र के बलपुरवा निवासी निवासी बुदुल शुक्ला गांव की सीमा की पुत्री के अपहरण का आरोपी है। उसके साथी गुड्डू निर्मल व उसके खिलाफ सीमा ने 18 मई 2015 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने गुड्डू को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। जबकि बुदुल ने हाईकोर्ट से गिरफ्तारी पर रोक का स्थगन आदेश ले रखा था। बताते हैं इस मामले की विवेचना उपनिरीक्षक संतोष मिश्रा कर रहा था। वह बराबर बुदुल से रुपये की मांग करता रहा। कहता कि विवेचना में उसका नाम वह निकाल देगा। बुदुल ने काफी रुपये भी दरोगा को दे रखे हैं।
इसके बाद भी वह पीछा नहीं छोड़ रहा था। इस मामले की शिकायत बुदुल ने जिलाधिकारी अमृत त्रिपाठी से की। डीएम ने मामले को गंभीरता से लेते हुए एंटी करप्शन की टीम को अवगत कराया। बुधवार को बुदुल ने दरोगा संतोष को घूस के रुपये देने के लिए फूलमती धाम के करीब बुलाया। उसे छह हजार रुपये पकड़ाए और मामले को रफादफा करने का अनुरोध करने लगा।
तभी इंस्पेक्टर चंद्रमोहन की अगुवाई में छिपी एंटी करप्शन की टीम ने उसे रंगेहाथ धर दबोचा। दरोगा को पकड़कर टीम के लोग कुंडा कोतवाली पहुंचे। सूचना मिलने पर सीओ कवींद्र नारायण मिश्रा भी पहुंच गए। पूछताछ के बाद एंटी करप्शन लखनऊ और फैजाबाद की टीम दरोगा के खिलाफ लिखापढ़ी कराती रही। इस बाबत पुलिस अधीक्षक अखिलेश कुमार चौरसिया ने बताया कि जानकारी मिली है। दरोगा के खिलाफ विभागीय कार्रवाई भी की जाएगी।