जनपद में नकली नोटों की खेप कहीं सीमा पार पाकिस्तान से तो नहीं भेजी जा रही है। चूंकि पकड़े गए लोगों के पास मिली करेंसी आईएसआई द्वारा तैयार नकली नोटों से बहुत हद तक मिलती जुलती है। आईबी और खुफिया विभाग की टीम ने भी नकली नोटों को देखने के बाद यही माना है।
देश की खुफिया एजेंसियों द्वारा बराबर पड़ोसी देश पाकिस्तान द्वारा बांग्लादेश और नेपाल के रास्ते नकली नोटों की खेप भेजने को लेकर अधिकारियों को अलर्ट किया जाता रहता है। देश की अर्थव्यवस्था को खोखला करने के लिए काफी दिनों से पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई नकली नोटों को देश के विभिन्न हिस्सों में भेजती रही है। इसके बाद भी जिम्मेदारों की आंख नहीं खुलती। बड़ा मामला सामने आने पर ही अफसर हरकत में आते हैं। आईबी और एलआईयू की टीमों ने बरामद पांच-पांच सौ की करेंसी को काफी देर तक देखा व छानबीन की, लेकिन असली और नकली में वे फर्क ही नहीं समझ पा रहे थे।
सूत्रों की मानें तो बरामद नकली नोटों की करेंसी आईएसआई द्वारा तैयार किए गए नोटों जैसी ही है। यदि वहां से नकली नोटों की खेप बेल्हा पहुंची है तो नेपाल या बांग्लादेश की सीमा का प्रयोग किया गया होगा। जनपद में कई माह से नकली नोटों का कारोबार चल रहा है। इसकी भनक न तो खुफिया विभाग को लग सकी और न ही पुलिस को। पुलिस सोमवार को पकड़े गए लोगों को लेकर पुलिस लाइन पहुंची तो वहां से तमाम जानकारियां लेकर अधिकारियों को अवगत कराने में लगे रहे।
लालगंज कोतवाली के माधोपुर निवासी अच्छेलाल चौरसिया उर्फ बच्चा चौरसिया भदोही से नकली नोट लाकर बेल्हा में खपाता था। वह यह काम करीब एक साल से कर रहा था। सार्विलांस के जरिए जानकारी मिलने पर नकली नोटों के सौदागर को दबोचने के लिए स्वाट टीम के लोग रविवार को ही भदोही में डेरा डाल दिए, लेकिन वह नहीं मिला। इधर एसटीएफ की सक्रियता के बाद जिले की पुलिस को भागदौैड़ करनी पड़ी और चार लोग नकली नोट के साथ दबोच लिए गए।