जाली नोटों के चार सौदागरों को पुलिस ने धर दबोचा। उनके पास से साढ़े 51 हजार रुपये के नकली नोट बरामद हुए हैं। पकड़े गए लोगों से पूछताछ के बाद सरगना को दबोचने के लिए पुलिस ने छापा मारा, लेकिन उसके पहले ही एसटीएफ इलाहाबाद की टीम उसे घर से उठा ले जा चुकी थी। पुलिस ने पकड़े गए चारों आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उन्हें जेल भेज दिया। एसपी ने नकली नोटों के कारोबारियों को दबोचने वाले पुलिसकर्मियों को पुरस्कृत करने का ऐलान किया है।
पुलिस अधीक्षक अखिलेश कुमार चौरसिया ने सई काम्प्लेक्स में सोमवार को पत्रकारों से बातचीत करते हुए बताया कि जाली नोटों के कारोबार पर अंकुश लगाने के लिए सभी थानाध्यक्षों को निर्देशित किया गया था। विशेष टीम अपर पुलिस अधीक्षक पश्चिमी दिनेश सिंह की अगुवाई में स्वाट टीम प्रभारी मनोज शुक्ला को लगाया गया था। सर्विलांस के माध्यम से खबर मिलने पर सोमवार भोर में स्वाट टीम प्रभारी मनोज शुक्ला, संग्रामगढ़ एसओ वीरेंद्र तिवारी ने अलग-अलग स्थानों पर दबिश देकर चार लोगों को धर दबोचा। उनके पास से पांच-पांच सौ के 51 हजार जाली नोट और 2110 रुपये बरामद हुए हैं। पकड़े गए लोगों की निशानदेही पर पुलिस ने उनके साथियों को दबोचने के लिए कई स्थानों पर दबिश दी, लेकिन वे नहीं मिले।
तीन महीने से नकली नोटों का कारोबार कर रहे रमेश कुमार पटेल पुत्र रामदुलारे पटेल निवासी रामापुर दाबी थाना संग्रामगढ़, जितेंद्र कुमार धुरिया पुत्र चंद्रभान धुरिया निवासी चोप सिंह प्रतापरुद्रपुर लालगंज, जीतलाल मौर्या पुत्र बाबूलाल मौर्या निवासी पूरे रामचंदर लालगंज और लालजी वर्मा पुत्र छेदीलाल वर्मा निवासी कुर्मियान लीलापुर थाना लालगंज को जेल भेज दिया गया। बाजार में खपाने के लिए अच्छेलाल चौरसिया उर्फ बच्चा चौरसिया पुत्र जिलेपाल निवासी माधोपुर लालगंज लालजी वर्मा को ही जाली नोट देता था। इसके बाद वह दूसरों को रुपये दिया करता था। एक हजार रुपये देने के बाद सभी को 18 सौ रुपये के नकली नोट दिए जाते थे। खबर है कि इनके सरगना बच्चा को एसटीएफ इलाहाबाद की टीम उठा ले गई है। उससे पूछताछ के बाद ही जाली नोट सप्लाई करने वालों तक पुलिस पहुंच सकेगी। जाली नोटों के कारोबारियों को दबोचने वाली पुलिस टीम को एसपी ने पांच हजार रुपये इनाम देने का ऐलान किया है।