काटने के लिए ले जाए जा रहे करीब तीस प्रतिबंधित मवेशियों को उदयपुर पुलिस ने बरामद कर लिया। मौके से एक आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। सात लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है। बरामद मवेशियों को गोसेवा समिति के हवाले कर दिया गया है। शुक्रवार भोर में पुलिस को सूचना मिली कि उदयपुर थाना क्षेत्र के राहाटीकर पूरेकुरेशिन गांव में प्रतिबंधित मवेशियों को काटने के लिए बाहर ले जाया जा रहा है। इस पर सुबह चार बजे एसओ संतोष दुबे हमराहियों के साथ गांव पहुंच गए। यहां शमीम पुत्र अलेमान के घर के सामने कई मवेशी इकट्ठा कर वाहन का इंतजार हो रहा था। पुलिस को देखते ही भगदड़ मच गई।
पुलिस ने दौड़ाकर शमीम को दबोच लिया, लेकिन अंधेरे का फायदा उठाकर अन्य आरोपी भाग निकले। शमीम के घर के सामने अधिक तादात में मवेशी इकट्ठा देखकर एसओ ने एएसपी पश्चिमी दिनेश प्रताप को सूचना दी। एएसपी के निर्देश पर सीओ लालगंज सीताराम, कोतवाल सुरेश प्रसाद त्रिपाठी व एसआई आशुतोष तिवारी, सांगीपुर एसओ सभाजीत मिश्र दलबल के साथ सुबह होते-होते राहटीकर पहंच गए। पुलिस ने गांव वालों की मदद से करीब तीस प्रतिबंधित मवेशियों को आजाद कराया। इनकी देखभाल के लिए पुलिस रेहुआ लालगंज स्थित गो सेवा समिति ले गई। यहां संचालक ने जगह नहीं होने का हवाला देते हुए मवेशियों को रखने से इनकार कर दिया। इस पर सीओ सीताराम ने लालगंज एसडीएम वाईबी सिंह को बुलाया। एसडीएम ने मवेशियों की देखभाल के लिए गोसेवा समिति के नाम एक बीघा जमीन उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया। तब जाकर संचालक मवेशियों को लेने को तैयार हुए। उदयपुर थानाध्यक्ष ने राहाटीकर के पूरेकुरेशिन निवासी शमीम पुत्र अलेमान, जाई पुत्र अलेमान, धम्मन पुत्र अलेमान, शहबान पुत्र धम्मन, कल्लन पुत्र जुम्मन, जुम्मन पुत्र शरीफ और सुंडी पुत्र असगर आदि के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है। दबोचे गए शमीम को जेल भेज दिया गया है।