सामाजिक समरसता और राजनीतिक सक्रियता के लिए मशहूर प्रतापगढ़ में चंद
रुपयों के लालच में एक महिला ने अपनी बहू की कोख का सौदा कर डाला। गभर्वती
बहू के परिजनों ने कोख में पल रही बच्ची का सौदा एक व्यापारी से 50 हजार
रुपये में कर दिया। महिला को जब जुड़वा बच्चे पैदा हुए तो एक को लेने के
लिए सौदा करने वाला व्यापारी अस्पताल भी पहुंच गया। प्रसूता को जब इस
सौदेबाजी की जानकारी हुई तो उसने बच्ची को देने से इनकार कर दिया। उसने
पुलिस से मामले की शिकायत की है।
कंधई थाना के दिलीपपुर निवासी
द्वारिका प्रसाद ऊमरवैश्य ने डेढ़ वर्ष पहले अपनी बहन संजू की शादी नगर
कोतवाली के हादीगंज निवासी प्रदीप के साथ की थी। प्रदीप घर के पास ही एक
दुकान चलाता है। इस बीच संजू गर्भवती हो गई। परिजनों ने जांच कराई तो पता
चला कि उसके पेट में दो बच्चियां पल रही हैं। इसकी खबर उसके पड़ोस में रहने
वाले बाबागंज के एक प्रसिद्ध किराना व्यवसायी को हुई तो उसने संजू के घर
लगातार आना-जाना शुरू कर दिया। संजू की मानें तो किराना व्यवसायी के परिजन
एक बच्ची की मांग करने लगे। वह देने से इनकार कर रही थी तो उसे 50 हजार
रुपये का लालच देने लगे। बावजूद इसके उसने इनकार कर दिया। उसका आरोप है कि
उसकी सास ने उनसे एक बच्ची को पचास हजार में देने का सौदा तय कर लिया।
संजू
के मुताबिक, प्रसव पीड़ा होने पर उसे महिला अस्पताल ले जाया गया, जहां से
डाक्टरों ने इलाहाबाद रेफर कर दिया। इस पर किराना व्यवसायी के साथ परिजन
उसे लेकर इलाहाबाद गए। यहां उसे जुड़वा बेटियां पैदा हुईं। इलाज में खर्च
हुए पचास हजार रुपये का भुगतान व्यापारी ने किया। इसके बाद वह एक बेटी
मांगने लगा। इसकी जानकारी होने पर संजू दोनों बेटियों को लेकर महिला
अस्पताल चली आई। यहां एएनसीयू वार्ड में उसकी बेटियों का इलाज चल रहा है।
उसका आरोप है कि व्यापारी यहां आकर भी उसे एक बेटी की मांग कर रहा है। न
देने पर धमकी दे रहा है। उसने पुलिस से मामले की शिकायत की है। कोतवाल, सदर
हरिपाल यादव का कहना है िक जानकारी हुई है। मामले की जांच कराई जा रही है।
बच्चे को खरीदने वाले लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।