कोतवाली क्षेत्र के नेवादा गांव में रविवार रात खेत में मवेशी जाने को लेकर हुई मारपीट के बाद दो वर्गों के बीच बवाल हो गया। दोनों तरफ से जमकर लाठी-डंडे औ पत्थर चले। इससे दर्जनों लोग घायल हो गए। सूचना पर अधिकारियों के हाथ-पांव फूल गए। अफसरों के साथ ही कई थानों की फोर्स गांव पहुंची। पुलिस ने मामले में तीस लोगों को हिरासत में लिया है। क्षेत्र के रमईपुर नेवादा गांव की दलित बस्ती निवासी सूरज की भैंस अशरफ के खेत में चली गई थी। जिसको लेकर अशरफ ने सूरज की पिटाई कर दी। इसकी जानकारी होने पर सूरज के पक्ष के लोगों ने मिलकर अशरफ की पिटाई कर दी। इसके बाद बवाल बढ़ गया।
दोनों पक्षों के लोग एकजुट हो गए। लाठी-डंडे चलने के साथ ही पथराव शुरू हो गया। इससे कई लोगों का सिर फट गया। एक पक्ष से अवधेश, उर्मिला, अंकुश, कृष्ण कुमार, अंकित, बृजेश आदि घायल हो गए। अवधेश की तहरीर अशरफ, मोहम्मद अख्तर, अहमद, शकील, इरशाद, सैफ, वासिन, हरसद, सलमान, मुनौवर व अशफाक पर बलवा, तोड़फोड़ व दलित उत्पीड़न समेत विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। इधर, दूसरे पक्ष के अशरफ, अख्तर, सद्दाम व इरशाद को चोटें आईं। अख्तर की तहरीर पर सूरज, अंकुर, विपिन समेत दस लोगों पर बलवा व मारपीट का मामला दर्ज किया गया। गांव में मचे बवाल की सूचना पर एसडीएम रामशंकर, सीओ सुकरम पाल तोमर, पट्टी के प्रभारी कोतवाल अजीत पांडेय, देवसरा एसओ अखिलेश राय फोर्स के साथ पहुंचे। पुलिस ने तनाव खत्म करने के लिए दोनों पक्षों से बात की। दोनों तरफ से तीस लोगों को हिरासत में लिया गया है। गांव में तनाव को देखते हुए पीएसी तैनात कर दी गई है।