लालगंज कोतवाली के गाबी महुआबन के लोगों को उपद्रवी जिंदा जलाने का मंसूबा पालकर आए थे। हालांकि फायरिंग करने के आरोपियों के घर आग से बच गए। पीड़ित कयामुल्ला का घर भी उपद्रवियों ने आग के हवाले कर दिया। पूरी बस्ती से शनिवार को ही पुरुष पलायन कर चुके हैं। इसे लेकर गांव में भय का माहौल व्याप्त है।
गाबी महुआबन निवासी कयामुद्दीन के परिवार के कई लोग शनिवार को गोली लगने से घायल हो गए थे। ग्रामीणों की मानें तो रविवार को धावा बोलकर उपद्रवी लोगों को जिंदा जलाने की फिराक में थे। उन लोगों को मालूम था कि गांव से पुरुष फरार हैं। केवल महिलाएं ही घरों में मौजूद हैं। ऐसे में वे सैकड़ों की तादात में पहुंचे और पूरी बस्ती को आग के हवाले करने की कोशिश की। उन्होंने आरोपियों के घरों को छोड़कर बेगुनाहों के घरों में आग लगा दी। इसके पीछे बहुचरा से आए उपद्रवियों की साजिश भी देखने को मिली। जिसमें पुलिस के शामिल होने की भी चर्चा रही। लोगों का आरोप था कि आरोपियों के घरों को आग नहीं लगाई गई। अधिकारियों के सामने भी यह मामला उठता रहा।