कोतवाली क्षेत्र के गोपाल सिंह का पुरवा में हवाईदार के घर पटाखा बनाते समय लगी आग में झुलसे एक और किशोर की मंगलवार को इलाज के दौरान अस्पताल में मौत हो गई। इसके साथ ही इस भीषण अग्निकांड में मरने वालों की संख्या पांच हो गई। बाकी बचे लोगों का इलाज इलाहाबाद के एक नर्सिंग होम में कराया जा रहा है।
कोतवाली क्षेत्र के गोपाल सिंह का पुरवा गांव निवासी अब्दुल सत्तार पटाखा बनाने का कारोबार दशकों से करता चला आ रहा है। बीते शनिवार को वह अपने घर पर परिवार के साथ पटाखा बना रहा था। वहां पर उसकी पत्नी शकीला बानो के साथ बेटा बाम्बू (7), समरीन (12), मोनू उर्फ सरवर (17), मनई (9), सरफराज (18), शाहजीन बानो (8), शहनवाज (17), साहीन उर्फ बेबी (18) मौजूद थीं। बच्चे बैठकर टीवी देख रहे थे और अब्दुल सत्तार पटाखों में बारूद भर रहा था। उसकी बीड़ी से निकली चिंगारी बारुद पर पड़ी तो एक के बाद एक पटाखे फटने लगे। अब्दुल सत्तार ने पहले तो पटाखों को बुझाने का प्रयास परिजनों के साथ किया, लेकिन तब तक सभी आग से पूरी तरह से घिर चुके थे।
गंभीर रूप से झुलसे लोगों को इलाज के लिए सीएचसी कुंडा में भर्ती कराया गया। जहां चिकित्सकों ने साहिन उर्फ बेबी (18) को मृत घोषित कर दिया। इसके साथ ही गंभीर रूप से झुलसे परिवार के नौ सदस्यों को चिकित्सकों ने इलाहाबाद एसआएन रेफर कर दिया। वहां पर रविवार की सुबह बाम्बू उर्फ शाहनवाज (7) और सायना बानो की मौत हो गई। देर रात इलाज के दौरान सरफराज की भी सांसें थम गईं। जबकि मंगलवार की सुबह मोनू उर्फ सरवर (17) ने भी दम तोड़ दिया। एक के बाद एक हुईं पांच मौतों से गांव में भी मातम पसरा है।