नशे की लत ने दोस्ती में तो दरार डाल ही दी और मामला खून खराबे तक जा पहुंचा। नशे के शिकार बने दोस्तों ने ही ऐसा दुस्साहसिक कदम उठाया कि एक दोस्त को अपनी जान गंवानी पड़ी। बचे तीन जेल पहुंचने की तैयारी में हैं।
औराइन गांव में बाइस वर्षीय युवक की हत्या में कुछ इस प्रकार का वाकया सामने आया है। नारंगपुर बाजार में इन चारों की दोस्ती खासी गहरी थी और यह लोग अक्सर एक दूसरे के साथ नजर आते थे। शराब और कबाब उड़ाना आम बात थी। वीरबहादुर को इसी शराब के नशे में घटना की रात मजाक करना महंगा पड़ गया। कीमत जान देकर चुकानी पड़ी।
नारंगपुर बाजार में राजकुमार वर्मा के स्टूडियो पर वह पांच साल से काम करता था। रामप्रवेश, प्रदीप तिवारी और राजकुमार सभी गहरे मित्र थे। अक्सर यह लोग साथ मिलकर पार्टियां करते थे। उस दौरान चारों में हंसी-मजाक भी होता था। मगर रविवार की रात नशे की अधिकता के चलते वीरबहादुर शायद ऐसी बात बोल गया जो कोई भी पति बर्दाश्त नहीं कर सकता था। उसका मजाक प्रदीप के दिल पर घाव कर गया। पहले तो उसने मारपीट की लेकिन इसके बावजूद उसे तसल्ली नहीं मिली। अंत में उसने वीरबहादुर को मौत के घाट उतार दिया। मृतक के परिजन भी मानते हैं कि इन लोगों की आपस में गहरी दोस्ती थी। वे एक दूसरे के साथ अक्सर ही नजर आते थे। दो माह पूर्व हल्का विवाद हुआ था लेकिन यह लोग फिर आपस में मिल गए और दोस्ती पुराने ढर्रे पर जा पहुंची थी। मृतक वीर बहादुर साधारण परिवार से था। उसका बड़ा भाई उमाशंकर प्लंबर है जबकि उससे छोटा शेरबहादुर नारंगपुर बाजार में फर्नीचर की दुकान चलाता है। मृतक स्टूडियो पर काम करता था और अविवाहित था।