प्रतापगढ़। ठंड का कहर जारी है। गलन से लोग परेशान हैं। बुधवार को ठंड लगने से बालिका समेत चार लोगों की मौत हो गई। आधा दर्जन लोग बीमार हैं। अस्पताल में उनका इलाज चल रहा है। गलन से लोग ठिठुरते रहे। दोपहर में धूप निकली जरूर, लेकिन सर्द हवाओं से राहत नहीं दिला सकी। सारा दिन पछुआ, पुर्वा व उत्तरी हवा चली। शाम के समय गलन और बढ़ गई। मंगलवार की रात ठंडी ज्यादा रही। मौसमविद देशराम मीना के मुताबिक गुरुवार को गलन और बढ़ेगी। चूंकि मौसम साफ है इसलिए कोहरा भी रहेगा।
मौसम के तल्ख तेवर में नर्मी नहीं आ रही। ठंड उग्र रूप अपनाए हुए है। मंगलवार को बेतहाशा गलन रही। ठिठुरन से लोग परेशान रहे। रजाई भी ठंड भगाने में नाकाम हो गईं। शहर के ज्यादातर घरों में रूम हीटर जलता रहा। बुधवार सुबह कोहरा हल्का रहा, लेकिन गलन बढ़ गई। सुबह का न्यूनतम तापमान 2.4 डिग्री सेल्सियस रहा। यह कल के मुकाबले कम है। साफ मौसम व दोपहर में हुई धूप से अधिकतम तापमान में थोड़ा सा सुधार हुआ। अधिकतम तापमान 19.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। सुबह के वक्त 100 प्रतिशत नमी रिकार्ड की गई। दोपहर के समय नमी घटकर 56 प्रतिशत रही। हालांकि दोपहर की नमी भी काफी ज्यादा बताई गई।
ठंड लगने से कुंडा खेमीपुर निवासी रामलखन निर्मल (64), कालाकांकर ब्लाक के परियावां निवासी रामविशाल मौर्य की पत्नी परदेशिन (65) और बेलखरनाथधाम क्षेत्र के ऊंसीपुर निवासी रामसजीवन यादव (48) व दांदूपुर निवासी ज्योती (16) की मौत हो गई। इन सभी का प्राइवेट अस्पताल में इलाज चल रहा था। घूरीपुर जेठवारा की अभिराजी सिंह (60), अंतू के दांदूपुर निवासी राघवेन्द्र की बेटी पूजा (18), शहर के बलीपुर निवासी राधा देवी (35), रानीगंज निवासी हक्कू सिंह (55) समेत करीब आधा दर्जन लोगों की हालत खराब है। सभी का अलग-अलग अस्पतालों में इलाज चल रहा है। चार दिन में ठंड से मरने वाले लोगों की संख्या 13 हो गई है।
कातिल हो चुकी ठंड को देखते हुए लोगों की सुरक्षा को लेकर चिकित्सक भी सहमे हैं। डॉ. आशुतोष सिंह कहते हैं कि ठंड में बाहर निकलते समय गर्म कपड़े पहनें। कान पूरी तरह ढंका रहे और मोजा व दस्ताना भी पहन कर रखें। संभव हो तो रास्ते में कहीं भी रुक-रुक कर आग तापते रहें।