इंस्पेक्टर अनिल हत्याकांड की गुत्थी सुलझाने में जुटी सीबीआई की टीम बुधवार को दिनभर पूछताछ करती रही। घटनास्थल से कोतवाली और पुलिस लाइन आने-जाने में कितना वक्त लगेगा, इसके बारे में भी जानकारी ली। शहर कोतवाल से होटल संचालक व मैनेजर की छवि के बारे में पूछताछ की। होटल के स्थान पर अस्पताल का संचालन करने वाले चिकित्सक से भी जानकारी ली।
नगर कोतवाली में तैनात रहे इंस्पेक्टर अनिल कुमार की 19 नवंबर की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। हत्या के बाद भाई विनोद कुमार की तहरीर पर पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। मंगलवार को सीबीआई टीम दोबारा घटना की जांच करने पहुंची। इंस्पेक्टर अनिल को गोली मारने की घटना का क्राइम सीन तैयार कराया। लोगों से पूछताछ के बाद टीम लौट गई। सूत्रों की मानें तो जिला पंचायत के गेस्ट हाउस में रुकी सीबीआई ने होटल वाले स्थान पर अस्पताल खोलने वाले चिकित्सक मसूद से कई घंटे तक पूछताछ की।
पुलिस ने जिन लोगों को चश्मदीद गवाह बनाया है, उन लोगों को भी बुलाकर घटनाक्रम की जानकारी ली। इसके बाद सीबीआई टीम ने घटनास्थल को देखा। वहां से निकलकर पुलिस लाइन व राजापाल चौराहे पर रुककर साक्ष्य का संकलन करते रहे। दोपहर बाद नगर कोतवाली पहुंचकर जानकारी ली। शहर कोतवाल से इंस्पेक्टर अनिल की हत्या की बाबत पूछताछ की। हालांकि शहर कोतवाल ने बताया कि उस समय वह जिले में नहीं आए थे। होटल वैष्णवी के मालिक और मैनेजर के बारे में भी पूछताछ की। अहम साक्ष्य संकलित करने के बाद सीबीआई वापस लखनऊ रवाना हो गई।