मोहनगंज के क्षेत्र पंचायत सदस्य की हत्या से आक्रोशित ग्रामीणों ने हाईवे पर जाम लगाने का प्रयास किया। हालांकि अफसरों के मान मनौव्वल पर जाम नहीं लगाया। सदर विधायक व एएसपी पूर्वी के आश्वासन पर 15 घंटे बाद परिजन शव के अंतिम संस्कार के लिए राजी हुए। तब जाकर पुलिस ने राहत की सांस ली।
नगर कोतवाली के मोहनगंज पूरे खुशई के क्षेत्र पंचायत सदस्य गनेशीलाल को हैंडपंप लगाने के विवाद में शनिवार के दिन पड़ोसी संगमलाल व परिवार के लोगों ने कुल्हाड़ी व सरिया से हमला कर मौत के घाट उतार दिया था। रविवार को प्रयागराज में पोस्टमार्टम के बाद शाम सात बजे के करीब शव घर पहुंचा तो कोहराम मच गया। परिजन रात हो जाने के कारण अंतिम संस्कार करने से हाथ खड़े कर दिए। मौके पर पहुंचे एसडीएम सदर व एएसपी पूर्वी परिवार के लोगों को हरसंभव मदद का भरोसा दिलाते रहे, लेकिन मृतक बीडीसी सदस्य के बेटे व भाई सुरक्षा व आर्थिक सहायता की मांग पूरी करने की जिद पर अड़े हुए थे। सोमवार की सुबह पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए लखनऊ-वाराणसी राजमार्ग पर जाम लगाने पहुंचे। मौके पर फोर्स मुस्तैद थी।
हालांकि बुजुर्गों ने जाग लगा रहे आक्रोशित लोगों को समझाबुझाकर वापस किया। कुछ देर में एएसपी पूर्वी अवनीश मिश्रा, तहसीलदार सदर श्रद्धा पांडेय व सीओ सिटी अंजनी राय दलबल के साथ पहुंचे। परिवार के लोग आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग कर रहे थे। करीब 11 बजे सदर विधायक संगमलाल गुप्ता मौके पर पहुंचे। परिवार के लोगों से बातचीत करते हुए पांच लाख रुपये शासन से दिलाने, शस्त्र लाइसेंस, प्रधानमंत्री आवास दिलाने के साथ ही आरोपियों की जल्द से जल्द गिरफ्तारी कराने का भरोसा दिलाया। विधायक के आश्वासन पर परिजन 15 घंटे बाद शव का अंतिम संस्कार करने के लिए राजी हुए। तब जाकर प्रशासन ने राहत की सांस ली।