क्षेत्र के पतुलकी गांव में चल रही एक प्रार्थनसभा में धर्मातरण का आरोप लगने पर जमकर हंगामा हुआ। बड़ी संख्या में गांव पहुंचे लोगों ने आरोप लगाया कि चंगाई के नाम पर हिंदुओं का धर्मांतरण कराया जा रहा है। सूचना पर पहुंची पुलिस दो लोगों को थाने उठा लाई। इसकी जानकारी मिलने पर बड़ी संख्या में लोग थाने पर पहुंचकर हंगामा करने लगे। बाद में इन लोगों को पुलिस ने खदेड़कर थाने से बाहर किया। पुलिस का कहना है कि पकड़े गए लोगों से पूछताछ की जा रही है।
जेठवारा थाना क्षेत्र के पतुलकी पांडे का पुरवा में हर रविवार को राकेश चौहान आराधना के साथ चंगाई करता है। उसके यहां भारी संख्या में लोग जुटते हैं। रविवार को भी बड़ी संख्या में लोग उसके घर चंगाई कराने के लिए आए थे। इस बीच वहां पहुंचे गांव के कुछ लोगों ने धर्मांतरण कराने का आरोप लगाते हुए हंगामा शुरू कर दिया। उनका आरोप था कि यहां हिंदू धर्म के लोगों का धर्मांतरण कराया जा रहा है। हंगामे की खबर मिलने पर जेठवारा पुलिस पहुंची और राकेश समेत दो लोगों को थाने ले आई। पुलिस दोनों से पूछताछ कर ही रही थी कि तभी वहां भारी संख्या में पहुंचे लोग उन्हें छोड़ने की मांग करने लगे। पुलिस ने समझाने का प्रयास किया, लेकिन कोई कुछ भी सुनने को तैयार नहीं था। बाद में लाठी पटककर इन लोगों को थाने से बाहर खदेड़ा गया। भागते वक्त कई लोग गिरकर घायल भी हुए। थाने से निकलकर यह लोग पांडेय का पुरवा बाजार पहुंच गए। बताया जा रहा है कि राकेश के घर चंगाई कार्यक्रम दोपहर तक चलता था। दोपहर के बाद विशेष प्रार्थना सभा होती थी। इस दौरान लोगों को प्रभु के बारे में विस्तार से समझाया जाता था। इसके बाद लंगर चलता था। दूर दराज से आने वाले अनुयायी भोजन को प्रसाद समझकर ग्रहण करते थे।
धर्मांतरण की खबर पर पहुंची पुलिस राकेश चौहान समेत अन्य लोगों को पूछताछ के लिए थाने लाई। इससे पहले तलाशी के दौरान प्रार्थना सभा कक्ष में धार्मिक पुस्तकें मिलीं। हंगामा कर रहे लोगों का आरोप था कि भोले-भाले लोगों को चंगाई के नाम पर यहां बुलाया जाता है और उनके मन को परिवर्तित करने के लिए पुस्तकों का भी सहारा लिया जाता था। बीमार लोगों की चंगाई के लिए मुफ्त दवा के साथ ही झाडफ़ूंक वाला पवित्र जल भी दिया जाता था।