मासूम बालक की हत्या का राजफाश करने के लिए पट्टी पुलिस हर बिंदुओं पर छानबीन कर रही है। पुलिस दो बिंदु को केंद्र बिंदु मानकर चल रही है। पहला बालक के साथ कुकर्म करने के बाद उसे मौत के घाट उतारा गया हो या फिर उसके परिवार के लोगों से गहरी रंजिश का बदला बेटे से लिया गया है। पुलिस इसी को लेकर छानबीन कर रही है।
देवसरा थाना क्षेत्र लखनूडीह निवासी अंकुश दो भाई है। अंकुश का बड़ा भाई आठ साल का है। अंकुश के घर पड़ोसी आरोपी का आना जाना था। वह मासूम अंकुश के साथ दोस्ती कर रखी थी। उसे लेकर ही बाग में जाया करता था। हर दिन की तरह शनिवार को भी उसे अपने साथ लेकर निकला था। मौके पर पहुंचे सीओ पट्टी शशिशेखर दीक्षित ने कहा कि मासूम बालक की हत्या करने के लिए पीछे दो अहम कारण हो सकते हैं। परिवार के लोगों से किसी की गहरी रंजिश रही हो या फिर या बालक के साथ कुकर्म किया गया हो। गुनाह छिपाने के लिए हत्यारे ने उसकी जान ले ली हो। चाकू का कटा निशान भी आरोपी की अंगुलियों में मिले। ग्रामीणों ने उसे घनी झाड़ियों से निकलते देखा था। मौके पर सब्जी काटने की चाकू पड़ी थी। आरोपी किशोर हमेशा अंकुश को साथ लिए रहता था। परिवार के लोग उस पर भरोसा करते थे। पुलिस दोनों बिंदुओं पर जांच कर रही है। सीओ ने बताया कि पीएम रिपोर्ट मिलने के बाद तस्वीर साफ होगी।
हत्यारे ने मासूम अंकुश की चाकू से गला रेतने के बाद शव को उल्टा कर दिया था ताकि कोई समझ न सके कि उसका गला रेता गया है। आरोपी किशोर से परिजन व ग्रामीण पूछताछ करते रहे, लेकिन वह इनकार करता ही रहा। हालांकि लोगों ने उसके कपड़े पर खून के छीटें देखे थे। जिसे वह बदलकर आया था। परिवार के लोगों से यही कहता रहा कि वह घर चला गया, उसे बाग के पास छोड़ गया था। आरोपी युवक बराबर बहाना बताता रहा।
देवसरा के लखनूडीह में हुई मासूम अंकुश की गला रेतकर हत्या के बाद गांव के बच्चे सहम गए। शव देखने के बाद गांव के लोग अपने बच्चों की खोजबीन करते रहे। शाम को परिजन हिदायत देते रहे कि वे किसी के साथ बाहर न जाएं।