अधिवक्ता जवाहर लाल मिश्र की हत्या की तह तक जाने के लिए गुरुवार को कोतवाली पुलिस लखनऊ जा धमकी। नाका समेत दूसरे थानों में दर्ज मुकदमे खंगालने के साथ ही कंपनी के स्थान की तलाश में हाथ-पांव मार रही है। लालगंज कोतवाली के खरगपुर निवासी अधिवक्ता जवाहरलाल मिश्र की मंगलवार को कचहरी आते समय गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस मामले में बेटे राजीव की तहरीर पर पुलिस ने खरगपुर के प्रधानपति शशिकांत मिश्र उर्फ भोले व दो अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर छानबीन तेज कर दी थी। गांव के साथ ही अधिवक्ता के बेटे संजीव के विवाद की जानकारी पुलिस खंगाल रही है। पुलिस का मानना है कि कई माह पहले संजीव के ऊपर हमला हो चुका है। साथ मौजूद चचेरे भाई अरुण की गोली लगने से मौत भी हो गई थी। आठ गोलियां लगने के बाद संजीव बच गया।
वकील की हत्या के बाद कोतवाली पुलिस ने हर पहलुओं पर अपनी छानबीन तेज कर दी है। नगर कोतवाल हरपाल सिंह यादव ने बताया कि संजीव ने कई वर्ष पहले लखनऊ में एक कंपनी खोल रखी थी। लेन-देन को लेकर उसका उन्नाव के लोगों से विवाद हुआ था। बाद में उन्नाव के युवकों को अजगरा के करीब भी मारने-पीटने की बात सामने आई थी। कोतवाल के मुताबिक लखनऊ में संजीव से संबंधित मुकदमों के अलावा उसकी कंपनी की खोजबीन के लिए जेल चौकी प्रभारी दिनेश शुक्ला के नेतृत्व में पुलिस टीम पहुंच गई है। जो हर बिंदुओं की छानबीन करने के बाद ही लौटेगी। हो सकता है कि लखनऊ में अधिवक्ता की हत्या या फिर संजीव के ऊपर हुए प्राणघातक हमले से जुड़ा सुराग मिल जाए। ताकि घटना का सही खुलासा करने में आसानी हो।