अधिवक्ता जवाहरलाल मिश्र की हत्या का खुलासा करने के लिए पुलिस तमाम बिंदुओं पर गहन छानबीन कर रही है। रुपये के लेनदेन को लेकर करीब दो वर्ष पूर्व अजगरा बाजार के करीब उन्नाव के युवकों के साथ मारपीट की घटना भी अधिवक्ता के बेटों के साथ हुई थी। पुलिस लखनऊ से भी घटना के तार जोड़ रही है। साथ ही गंवई रंजिश को भी खंगाल रही है।इस मामले में बेटे राजीव की तहरीर पर पुलिस ने प्रधानपति शशीकांत मिश्र उर्फ भोला को नामजद करने के साथ ही दो अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर आरोपियों की तलाश में जुट गई।
शहर कोतवाल हरपाल सिंह यादव ने बताया कि अधिवक्ता जवाहरलाल मिश्र के बेटे संजीव ने कई वर्ष पहले लखनऊ में एक कंपनी खोली थी। उन्नाव के कुछ लोग भी उस कंपनी में रुपये इन्वेस्ट किए थे। जिसे लेकर संजीव व उन लोगों के बीच लखनऊ में मारपीट हुई थी। घटना के बाद से वह कंपनी बंदकर घर चला आया था। करीब दो साल पहले उन्नाव के कुछ लोग संजीव से मिलने आए थे। बाद में उनके बीच मारपीट की घटना भी हुई थी। जाते समय वे पूरे परिवार को बर्बाद करने की धमकी भी दिए थे। प्रधानी के चुनाव के दौरान प्रधान संजीव पर जानलेवा हमला हुआ। पर उसके चचेरे भाई अरुण मिश्र की गोली लगने से मौत हो गई। जबकि संजीव बच गया। इस मामले में शशीकांत को ही परिवार के लोगों ने नामजद किया था। अधिवक्ता की हत्या के बाद प्रशासन ने इसे गंभीरता से लिया। लखनऊ के विवाद के साथ गंवई रंजिश की गहन छानबीन की जा रही है।