टाउन एरिया और नगरपालिका में प्रधानमंत्री आवास (शहरी) के लिए चिन्हित लाभार्थियों को ढाई लाख रुपये देने के एवज में 30 हजार रुपये की वसूली कर रहे हैं। वैसे तो यह रुपये लाभार्थियों से दलाल वसूल रहे हैं, कर्मचारियों के माध्यम से अफसरों की जेब गर्म हो रही है।
नगरपालिका परिषद और टाउन एरिया में उन लोगों को ढाई-ढाई लाख रुपये आवास बनाने के लिए दिए जा रहे हैं, जिनके पास मकान बनाने के लिए जमीन तो है, मगर रुपये नहीं हैं। जिले भर की आठ टाउन एरिया और नगरपालिका परिषद में अभी तक 1384 लाभार्थियों का चयन कर 50-50 हजार रुपये की पहली किस्त और 384 लाभार्थियों को द्वितीय किस्त का 1.5 लाख रुपये का भुगतान किया जा चुका है। अधिकांश टाउन एरिया में अधिकारी अधिकारी की कमी होने के कारण कर्मचारी ही साहब बने हुए हैं। वह दलालों के माध्यम से प्रति लाभार्थी 30-30 हजार रुपये की वसूली कर रहे हैं। पैसा न देने पर गलत रिर्पोट लगवाकर अपात्र बना देते हैं। वसूली का मामला डीएम के संज्ञान में आने पर सभी ईओ को पत्र लिखकर चेताया था कि सूचना मिल रही है कि अध्यक्ष, सभासद, टाउन एरिया के कर्मचारी और डूडा के कर्मचारी मिलकर लाभार्थियों से वसूली कर रहे हैं। डीएम शंभु कुमार ने चेताया था कि अब ऐसा किया गया, तो आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई होगी। समाचार पत्रों में विज्ञप्ति प्रकाशित होने के बाद कुछ दिन के लिए मामला ठंडा हो गया था, मगर इन दिनों दूसरी किस्त भेजने के नाम पर वसूली प्रारंभ हो गई है। एडीएम मनोज कुमार ने बताया कि लाभार्थियों को बार-बार बताया जा रहा है कि वह किसी को भी सुविधा शुल्क न दें, इसके बावजूद ऐसी हरकत की जा रही है, जल्द ही वसूली की जांच कराकर दोषी कर्मचारियों को दंडित किया जाएगा।