खुलेआम फायरिंग और धारा 144 के उल्लंघन पर प्रदर्शनकारियों के खिलाफ गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया गया है। पुलिसिया कार्रवाई की जानकारी होने से लोगाें में हड़कंप मच गया। असलहे का लाइसेंस भी निरस्त करने के लिए जिला प्रशासन को रिपोर्ट भेजी जा रही है। प्रदर्शनकारियाें पर पुलिस शिकंजा कसने की तैयारी कर रही है।
लालगंज कस्बे में रविवार को राव वीरेंद्र सिंह के संयोजन में आतंकवादी हमले के विरोध में विरोध प्रदर्शन किया गया था। इसमें राव वीरेंद्र सिंह ने खुलेआम फायरिंग की थी। इसकी जानकारी होने के बाद भी घटना के दिन बैकफुट पर रही पुलिस ने दूसरे दिन प्रदर्शनकारियेां पर शिकंजा कस दिया है। बीड सिपाही की सूचना पर अफसरों ने कोतवाली में 31 प्रदर्शनकारियों के खिलाफ लोगों में दहशत फैलाने, 144 कर उलंघन करने, लाइसेंसी असलहे का दुरुपयोग करने समेत कई अन्य संगीन धाराओं में केस दर्ज कर लिया। इसकी जानकारी होने पर प्रदर्शनकारियों के होश उड़ गए। कोतवाली में मंगलवार को विरोध प्रदर्शन के संयोजक राव वीरेंद्र सिंह, बृजेंद्र पांडेय उर्फ मंटू, राकेश मिश्रा, नरेंद्र दुबे, संदीप तिवारी, अनिल सिंह, शिवकुमार गुप्ता, संजीव तिवारी, हरेकृष्ण तिवारी, राजकुमार बरनवाल, ललित गौड़ समेत पंद्रह-बीस अज्ञात के खिलाफ आधा दर्जन गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया गया है। पुलिस ने आरोपियों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। जिस असलहे से फायरिंग की गई है उसका लाइसेंस भी निरस्त करने की रिपोर्ट पुलिस अधिकारियों को भेेज रही है। सीओ वीआर प्रेमी ने बताया कि कानून हाथ में लेने वालों को किसी भी कीमत पर बक्शा नहीं जाएगा। प्रदर्शन करना किसी का भी अधिकार है लेकिन सार्वजनिक जगह पर फायरिंग कर लोगों में दहशत पैदा करना बिल्कुल गलत है। ऐसा करने वालों का लाइसेंस निरस्त करते हुए उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।