दुर्गागंज पीएचसी पर मरीजों ने किया हंगामा
उपस्थिति दर्ज करवाकर डॉक्टर व लैब टेक्नीशियन हो गए गायब, सीएमओ से की शिकायत
अमर उजाला ब्यूरो
रानीगंज। दुर्गागंज पीएचसी पर मंगलवार सुबह मरीज के साथ आए तीमारदारों ने हंगामा शुरू कर दिया। मरीजों का आरोप है कि डॉक्टर और एलटी अस्पताल में नहीं बैठते हैं। पंजिका पर उपस्थिति दर्ज करने के बाद दोनों घर चले जाते हैं। फार्मासिस्ट मरीजों का इलाज करता है।
रानीगंज तहसील के दुर्गागंज बाजार में लाखों की लागत से शासन ने पीएचसी का निर्माण कराया है। यहां डॉक्टर यूएल विंद और एलटी सुरेंद्र कुमार, फार्मासिस्ट अनिल कुमार की तैनाती है। फार्मासिस्ट को छोड़ दिया जाए तो डॉक्टर और एलटी सुबह आठ से दस बजे के बीच में आते हैं और पंजिका पर उपस्थिति दर्ज कर चले जाते हैं। फार्मासिस्ट मरीजों का इलाज करने के साथ दवा वितरण करता है। इससे मरीज परेशान होते हैं। नाराज मरीजों के तीमारदारों ने मंगलवार को हंगामा शुरू कर दिया। हालांकि फार्मासिस्ट ने किसी तरह लोगों को समझा बुझाकर शांत कराया। दुर्गागंज निवासी इम्तियाज अहमद, छेदीलाल पटेल, अशोक कुमार, अनिल केसरवानी, अरुण मिश्र, अजय तिवारी, संजय तिवारी राय सिंह आदि लोगों ने डॉक्टर और एलटी की लिखित शिकायत सीएमओ से की है। इस मामले में सीएमओ का कहना है कि जांच के लिए टीम गठित कर दी गई है। रिपोर्ट मिलने के बाद कार्रवाई की जाएगी।
संचारी रोगों से बचाव की दी जानकारी
प्रतापगढ़। सीएमओ कार्यालय सभागार में मंगलवार को संचारी रोगों से बचाव के लिए कार्यशाला आयोजित की गई। इसमें 10 फरवरी से जिले में चलाए जाने वाले अभियान की जानकारी दी गई। साथ ही संचारी रोगों से बचाव का तरीका बताया गया। प्रशिक्षण में सभी सीएचसी से आए कार्यक्रम प्रबंधक व स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारियों को संबोधित करते हुए सीएमओ डॉक्टर एके श्रीवास्तव ने कहा कि संचारी रोगों की रोकथाम के लिए पूरे प्रदेश में अभियान चलाया जा रहा है। इसके िलए सभी स्वास्थ्य कर्मियों को तत्परता से कार्य करना होगा। लखनऊ से प्रशिक्षण लेकर आए डीसीपीएम मो. नाजिम ने कहा कि संचारी रोगों में जापानी इंसेफ्लाइटिस के अलावा मलेरिया, डेंगू, फाइलेरिया भी शामिल हैं। इससे बचाव के लिए साफ-सफाई सबसे बेहतर उपाय है। संचारी रोग मच्छरों के काटने से होते हैं। ऐसे में गांव की नालियां, स्कूल के आसपास साफ-सफाई जरूरी है। उन्होंने कहा कि आशा व आंगनबाड़ी कार्यकर्ता हर गांव में बैठक कर लोगों को साफ-सफाई के बारे में जागरूक करेंगे। इसमें ग्राम पंचायत का भी सहयोग लिया जाएगा। डीसीपीएम ने बताया कि जिले में मच्छरों के काटने से मलेरिया के मरीजों की संख्या काफी अधिक होती है। बाहर से आने वालों में डेंगू की पुष्टि हुई है। जबकि जापानी इंसेफ्लाइटिस के मरीज यहां नहीं मिले हैं। कार्यशाला में डिप्टी सीएमओ डॉ. सीपी शर्मा, डॉ. एसके सिंह, डीपीएम राजशेखर, महेश सिंह,राजेश गुप्ता, चंद्रचूण आदि मौजूद रहे।