जेठवारा/ कटरागुलाब सिंह। छत पर सो रहे युवक की सिर कूंचकर हत्या कर दी गई। इससे घर में कोहराम मच गया। घटना की जानकारी मिलने पर पहुंची पुलिस मामले की छानबीन कर रही है। जेठवारा पुलिस घटना को संदिग्ध मान रही है।
जेठवारा थाना क्षेत्र के बगियापुर लेहरा निवासी धीरेंद्र कुमार यादव पुत्र रमेश चंद्र यादव शनिवार की रात खाना खाने के बाद मकान के छत पर सोने चला गया। रात लगभग 12 बजे उसकी चीख सुनकर चाची की नींद खुल गई। वह भागकर छत पर गईं तो वहां धीरेंद्र खून से लथपथ पड़ा तड़प रहा था। उसके सिर पर किसी वजनदार हथियार से प्रहार किया गया था। उसने शोर मचाया तो भाई व चचेरे भाई संग गांव के लोग पहुंचे। एंबुलेंस बुलाकर उसे जिला अस्पताल लाया गया। जहां हालत गंभीर देख डाक्टरों ने उसे इलाहाबाद के लिए रेफर कर दिया। हालांकि इलाहाबाद पहुंचने पर डाक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। यह सुनते ही परिजन रोने बिलखने लगे। लोगों ने घटना की सूचना कटरागुलाबसिंह पुलिस चौकी पर दी। रविवार की सुबह घटनास्थल पर पहुंची पुलिस ने छानबीन की। एसओ जेठवारा ने बताया कि घटना संदिग्ध मालूम हो रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिलने के बाद ही हकीकत सामने आएगी। अभी तक किसी ने तहरीर नहीं दी है।
धीरेंद्र भाइयों में सबसे बड़ा था। उसके छोटे भाई अवधेश ने बताया कि रविवार की रात खाना खाते समय बाइक के बारे में पूछने पर धीरेंद्र ने बताया कि तीन लोगों ने हीरागंज ड्रेन पर उसकी बाइक छीन ली थी। जो रविवार की सुबह घर से करीब एक किमी दूर नाले के पास मिली। बगियापुर निवासी रमेशचंद्र परिवार के गुजर बसर के लिए एनटीपीसी कर्नाटक में नौकरी करता है। ग्रामीणों की मानें तो धीरेंद्र नशे का आदी था। शराब व गांजे की लत ने उसे बर्बादी की राह पर लाकर खड़ा कर दिया था। नशे के कारण ही पत्नी से विवाद हो गया और वह अपने मायके चली गई। तीन दिन पहले धीरेंद्र ने मां से लड़ाई कर ली तो वह भी अपने मायके चली गईं। जिसके बाद छोटा भाई अवधेश ही खाना बनाता था। उसकी हरकतों से पड़ोसी भी तंग आ चुके थे। कई बार लोगों ने पुलिस से उसकी शिकायत भी की थी। बगियापुर निवासी धीरेंद्र की तीन लोगों ने हीरागंज ड्रेन के पास बाइक छीन ली थी। चर्चा है कि नहर पर ही धीरेंद्र की कुछ लोगों से मारपीट भी हुई थी। मारपीट में धीरेंद्र को चोटें आईं थी। किसी तरह वह जान बचाकर भाग निकला। घर आने के बाद खाना खाकर छत पर सोने चला गया। तब तक वह पूरी तरह ठीक था। भाई अवधेश की मानें तो उसे तब किसी तरह की चोट नहीं थी।