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घरेलू कलह से परेशान विवाहिता ने घर के अंदर आग लगाकर दी जान

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कुंडा। घरेलू कलह से परेशान होकर विवाहिता ने घर के अंदर आग लगाकर जान दे दी। सूचना पर मायके पक्ष के लोग पहुंचे और विवाहिता की सास, ननद पर जलाकर मारने का आरोप लगाने लगे। उनके हंगामा करने पर पुलिस ने विवाहिता की दो ननद और सास को हिरासत में ले लिया। शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। उधर, पिता ने थाने में जलाकर मारने का आरोप लगाते हुए तहरीर दी है।
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कोतवाली क्षेत्र के सुजौली खखरा गांव निवासी कमलेश यादव पुत्र रामसूरत की शादी चकिया बल्दी शेखन का पुरवा गांव निवासी राजकली (28) पुत्री केदार यादव के साथ 3 साल पहले हुई थी। कमलेश कामकाज के सिलसिले में पंजाब में रहता है। शनिवार की सुबह राजकली का उसकी सास निर्मला उर्फ बसवहिन, ननद राधा, कल्पना और अंजली से विवाद हुआ था। इसके बाद उसकी सास व ननदें खेत में पानी लगाने चली गईं। इस दौरान राजकली ने खुद को कमरे के अंदर बंदकर आग लगा ली। धुआं उठते देख लोगों ने उसकी सास को सूचना दी। वह मौके पर पहुंची और पुलिस को सूचना देते हुए आग बुझानी शुरू की।

कुछ देर में आसपास के लोग जुटे तो दरवाजा तोड़कर अंदर घुसे और आग बुझाई। थोड़ी देर में सीओ, कोतवाल और नायब तहसीलदार भी मौके पर पहुंचे। इसी दौरान मौके पर पहुंचे मायके पक्ष के लोग ससुरालियों पर जलाकर मारने का आरोप लगाते हुए गिरफ्तारी के लिए हंगामा करने लगे। पुलिस ने मौके पर मौजूद विवाहिता की दो ननदों व सास को हिरासत में ले लिया। राजकली के पति, ससुर सहित जेठ व देवर बाहर रहते हैं। सूचना मिलने के बाद वह घर के लिए निकल चुके हैं। विवाहिता के पिता केदार यादव ने पति कमलेश, ससुर रामसूरत, सास निर्मला, ननद राधा, कल्पना पर दहेज में टीवी, फ्रिज व नकद एक लाख रुपये न देने पर जलाकर मार डालने का मुकदमा दर्ज कराया है।
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दुश्मनी की वजह से पड़ोसियों ने नहीं बुझाई आग
कुंडा। सुजौली खखरा गांव में एक वर्ष पूर्व एक युवक का शव आम के पेड़ से लटकता मिला था। इस मामले में हत्या का मुकदमा दर्ज कराने के लिए ग्रामीणों ने रोड जाम किया था। हत्या का मुकदमा तो दर्ज हुआ, लेकिन घटना का खुलासा अब तक नहीं हो सका। युवक के परिजन हत्या को विवाहिता के परिवार से जोड़कर देखते थे। यही कारण था कि आग लगाने के बाद मौके पर पुलिस और दूसरे गांव के लोग आग बुझाने के लिए पहुंचे। गांव की कुछ महिलाओं से एक दरोगा ने पानी डालने के लिए कहा, लेकिन उन्होंने पलटकर जवाब दे दिया। बाद में किसी तरह से आग बुझाई जा सकी।

मासूम बच्चियों के सिर पर मुसीबत
राजकली की दो बेटियां हैं। विनीता तीन वर्ष व नंदिता एक वर्ष की है। दोनों के ही दिल पर इस घटना से गहरा सदमा पहुंचा है। हालांकि उन्हें घर ले जाने के लिए राजकली की ससुराल और मायकेवालों में खींचतान होती रही। दोनों बच्चियां घटना के बाद से लगातार रो रही थीं।
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