एडीओ पंचायत के निलंबन के लिए शासन को भेजा पत्र
बीस लाख रुपये के घपले का है आरोप
अमर उजाला ब्यूरो
प्रतापगढ़।
चौदहवें वित्त आयोग से बीस लाख रुपये निकालकर बंदरबांट करने के आरोपी एडीओ पंचायत को निलंबित करने के लिए शासन को पत्र लिखा गया है। इधर सेवानिवृत्त बीडीओ से रिकवरी के लिए विभागीय अधिकारियों को पत्र लिखा गया है।
सांगीपुर विकास खंड में चौदहवें वित्त आयोग के तहत मिली धनराशि में एडीओ पंचायत और बीडीओ ने मिलकर कंटीजेंसी के 20 लाख रुपये निकालकर बंदरबांट कर लिए थे । सीडीओ राजकमल यादव ने शिकायत मिलने पर डीपीआरओ को भेजकर पूरे मामले की जांच कराई। डीपीआरओ की जांच में इस बात का खुलासा हुआ कि बगैर कोई काम कराए ही रुपये निकाल लिए गए हैं। डीपीआरओ ने एडीओ पंचायत को बिल बाउचर दिखाने के लिए एक सप्ताह का मौका भी दिया था, मगर इसके बाद भी कोई अभिलेख नहीं प्रस्तुत करने पर कार्रवाई के लिए सीडीओ को पत्र लिखा था। डीपीआरओ एसके पांडेय ने बताया कि एडीओ पंचायत को निलंबित करने के लिए शासन को पत्र लिखा गया है। इधर फर्जीवाड़ा करने में माहिर एडीओ पंचायत कार्रवाई से बचने के लिए नेताओं के यहां डेरा डाले हुए हैं।
मृतक आश्रितों को योग्यता के अनुसार दी जाए नौकरी
शिक्षक संघ ने प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन सौंपा
अमर उजाला ब्यूरो
प्रतापगढ़। जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ ने पुरानी पेंशन की बहाली और मृतक आश्रितों को योग्यता के अनुसार नौकरी देने की मांग को लेकर बीएसए को ज्ञापन सौंपा। जिलाध्यक्ष शाहआलम और महामंत्री राजेश कुमार सरोज ने चेताया है कि अगर मांगें पूरी नहीं हुईं तो शिक्षक आंदोलन करने को बाध्य होंगे।
बेसिक शिक्षा विभाग के पूर्व माध्यमिक शिक्षक संघ ने पुरानी पेंशन की बहाली की मांग को लेकर एक बार फिर आंदोलन तेज करने का संकेत दिया है। बुधवार को साथियों संग बीएसए कार्यालय पहुंचे जिलाध्यक्ष शाहआलम ने प्रधानमंत्री को संबोधित चार सूत्रीय ज्ञापन बीएसए को सौंपा। जिसमें पहली मांग पुरानी पेंशन बहाली की है। जिलामंत्री राकेश सरोज, सुशील कुमार शुक्ल, राजेश सिंह, विजय दुबे, शौकत अली, अरुण सरोज, शिव प्रताप पटेल, खुर्शीद अली, केशव प्रसाद, कैलाश त्रिपाठी, विनय सिंह, धर्मराज सिंह आदि मौजूद रहे।
प्रेरकों ने मांगा बकाया मानदेय
प्रतापगढ़ (ब्यूरो)। प्रेरक वेलफेयर एसोसिएशन ने मानव संसाधन विकास मंत्री को पत्र भेजकर 36 माह का बकाया मानदेय मांगा है। जिलाध्यक्ष सत्यवान सिंह ने साक्षर भारत मिशन के तहत तैनात प्रेरकों का सेवा विस्तार करने की मांग की है।