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हत्या-रंगदारी की घटनाओं से खौफ में व्यापारी

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हत्या-रंगदारी की घटनाओं से खौफ में व्यापारी
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शहर से गांव तक लगातार निशाना बना रहे बदमाश, सुरक्षा नहीं दे पा रही है पुलिस
मार्बल व्यापारी राजेश हत्याकांड में भी पुलिस के हाथ खाली
ढाबा संचालक की हत्या करने वाले भी नहीं लगे पुलिस के हाथ
अमर उजाला ब्यूरो
प्रतापगढ़। हत्या-रंगदारी की लगातार हो रहीं घटनाओं से जिले के व्यापारी खौफ में हैं। शहर से गांव तक बदमाश आए दिन व्यापारियों को निशाना बना रहे हैं, लेकिन पुलिस उन्हें सुरक्षा नहीं मुहैया करा पा रही है।
अभी तक मार्बल व्यापारी राजेश सिंह हत्याकांड की वजह तक पुलिस नहीं पहुंच सकी। ढाबा संचालक की हत्या में भी पुलिस के हाथ खाली हैं। दो दिन पहले पट्टी में आभूषण व्यापारी की हत्या के बाद जिले कारोबारी बुरी तरह सहमे हुए हैं। जिले के व्यापारियों को लगातार अपराधी अपना निशाना बना रहे हैं। व्यापारी न तो घर पर ही महफूज है और न ही दुकान के भीतर। कुछ दिनों पहले ही मार्बल कारोबारी सदर बाजार निवासी राजेश सिंह की दुकान के भीतर घुसकर बदमाशों ने गोली मार कर हत्या कर दी। यह घटना थमी नहीं थी कि पड़ोसी मार्बल कारोबारी हरि गौरव से बदमाशों ने दस लाख की रंगदारी मांगी। न देने पर बदमाशों ने पुलिस की मौजूदगी में हरि गौरव की दुकान पर फायरिंग की और भाग निकले। इन घटनाओं के बाद बदमाशों ने भाजपा नेता के बेटे आशीष मौर्य से रंगदारी मांगी। प्राइवेट चिकित्सक से भी बदमाशों ने रंगदारी की मांग की। सोमवार को सदहा बाजार से घर लौट रहे आभूषण कारोबारी गंगा प्रसाद सोनी निवासी पट्टी की गोली मारकर हत्या कर दी। इन घटनाओं से व्यापारियों में खौफ समा गया है। मार्बल व्यापारी की हत्या करने वाले बदमाश अभी तक पुलिस के हाथ नहीं लगे हैं। रंगदारी मांगने वाले बदमाशों की तलाश में एसटीएफ समेत जिले की पुलिस लगी रही, लेकिन कामयाबी नहीं मिली। शातिर बदमाशों की फरारी के चलते कारोबारी भीतर से सहमे हुए हैं। इस बारे में पुलिस अधीक्षक एस आनंद का कहना है कि व्यापारियों की सुरक्षा के लिए बंदोबस्त किए गए हैं। गार्ड भी उपलब्ध कराए गए हैं और घरों पर निगरानी के लिए फोर्स तैनात है। फरार अपराधियों की धरपकड़ का प्रयास किया जा रहा है।
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पुलिस का इकबाल खत्म
पुलिस का इकबाल पूरी तरह से खत्म होता जा रहा है। अपराधी पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं। खुलेआम गुंडा टैक्स मांगा जा रहा है। पुलिस भी कहीं न कहीं दबाव में काम कर रही है। जिससे बदमाश फरारी काट रहे हैं।
मंजीत सिंह छाबड़ा, पूर्व अध्यक्ष व्यापार मंडल

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व्यापारियों की सुरक्षा करने में पुलिस नाकाम
जिले के व्यापारियों की सुरक्षा कर पाने में पुलिस पूरी तरह से नाकाम है। व्यापारियों की लगातार हत्याएं हो रही हैं। रंगदारी मांगी जा रही हैं। अफसरों के सामने मामला उठाया भी जाता है, लेकिन कुछ नहीं होता।
राजेंद्र केसरवानी, जिलाध्यक्ष, व्यापार मंडल

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अब तो पलायन की सोचने को मजबूर व्यापारी
जिले के व्यापारी लगातार बदमाशों के निशाने पर हैं। लूट व हत्या की वारदात को अंजाम देने के बाद बदमाश भाग निकलते हैं। पुलिस बदमाशों की तलाश ही करती रह जाती है। ऐसे में अब तो व्यापारी पलायन की सोचने लगे हैं।
संजय झलानी, पूर्व महामंत्री व्यापार मंडल

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पुलिस बदमाशों से खाती है खौफ
जिले में सब कुछ उल्टा चल रहा है। चेकिंग के दौरान आम आदमी परेशान होता है बल्कि अपराधी खुलेआम निकल जाते हैं। अपराधियों के आगे पुलिस ने खुद हथियार डाल रखे हैं। जिसके चलते बेखौफ बदमाश केवल व्यापारियों को निशाना बना रहे हैं। जिले में पुलिस का इकबाल पूरी तरह ध्वस्त हो चुका है।

श्रीकिशोर अग्रवाल, व्यापारी, चिलबिला
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व्यापारियों की सुरक्षा के लिए नहीं मिलता शस्त्र लाइसेंस
जिले में बढ़ते अपराध की रोकथाम करने में पुलिस पूरी तरह नाकाम साबित हो रही है। आए दिन व्यापारी ही बदमाशों के शिकार हो रहे हैं। व्यापारी लगातार सुरक्षा के लिए शस्त्र लाइसेंस की मांग करते हैं, लेकिन जिला प्रशासन लापरवाह बना रहता है। कम से कम व्यापारियों के पास असलहा रहेगा तो वह अपनी सुरक्षा तो कर सकेंगे।
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एके सिंह, नगर अध्यक्ष व्यापार मंडल

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व्यापारियों का पुलिस से टूट चुका है भरोसा
जिले के व्यापारियों का पुलिस से भरोसा टूट गया है। पुलिस बदमाशों को तो चिह्नित कर लेती है, लेकिन दबोचने में नाकाम रहती है। जिस तरह जिले में बावरिया गिरोह द्वारा सनसनीखेज वारदातों को अंजाम दिया जा रहा था। असली अपराधी पकड़े जाने के बाद उस तरह का अपराध बंद हो गया। ऐसे ही व्यापारियों से लूट व रंगदारी मांगने वाले बदमाशों को जेल की सलाखों के पीछे डाला जाए। जिससे जिले में अपराध पूरी तरह से कंट्रोल हो सके।
संजय खंडेलवाल, व्यापारी नेता
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