लूट के आरोपी बंदी से तकरार के बाद नाराज सिपाहियों ने उसे लॉकअप में बंद कर जमकर पिटाई की। इससे उसका सिर फट गया। वह खून से लथपथ हो गया। आनन-फानन में उसे जिला अस्पताल ले जाया गया। डॉक्टरों ने उसे भर्ती कर लिया। हालांकि पुलिस अफसर बंदी के सिर लॉकअप में पटकने से घायल होने की बात कह रहे हैं।
लालगंज कोतवाली के पूरे टीकाराम निवासी पवन सोनी (28) पुत्र रामलखन सोनी सवा चार साल पहले हुई लूट के मामले में जेल में निरुद्ध है। शुक्रवार को उसे न्यायालय में पेशी पर लाया गया था। उसे दूसरे बंदियों के साथ शेषन लॉकअप में रखा गया था। इस बीच एक सिपाही उसे कोर्ट में पेश करने के लिए लेकर गया। प्रत्यक्षदर्शियों की मानें तो कोर्ट में पेशी के बाद लौटते समय पवन सोनी की सिपाही से किसी बात को लेकर तकरार हो गई। इससे नाराज सिपाही ने लॉकअप में डालने के बाद साथियों से तकरार की बात बताई। देखते ही देखते पुलिसकर्मियों ने हवालात के भीतर घुसकर पवन की पिटाई शुरू कर दी। शोरशराबा सुनकर अधिवक्ता व अन्य लोग दौड़ पड़े। लोगों के हस्तक्षेप पर बंदी की जान बची। पिटाई से पवन का सिर फट गया। आनन-फानन में उसे जिला अस्पताल ले जाया गया। यहां डाक्टरों ने उसे भर्ती कर लिया। सिपाहियों का कहना है कि बंदी परिचितों से बातचीत करना चाहता था। उसे रोक दिया गया। इससे नाराज होकर भीतर खुद सिर पटकने लगा।
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सीओ सिटी रमेशचंद्र ने बताया कि बंदी को सिपाहियों ने नहीं पीटा था, बल्कि वह खुद सिर पटकने लगा था। इसके कारण उसे चोटें आईं।