ताजपुर ढिकुही गांव में प्रधान के घर पहुंचे एमएलसी गोपालजी।
प्रधानपुत्र की हत्या के मामले में परिजनों ने शव आने के बाद भी दूसरे दिन अंतिम संस्कार करने से मना कर दिया। इस पर पुलिस के फिर से हाथ पांव फूलने लगे। उधर सूचना पर एमएलसी अक्षय प्रताप सिंह गोपाल जी मौके पर पहुंचे तो ग्रामीणों ने उन्हें घेर लिया। ग्रामीणों का कहना था कि पुलिस उनके खिलाफ तोड़फोड़, आगजनी का मुकदमा लिखेगी, जबकि यह कार्य उन्होंने नहीं किया है। इसके साथ ही असलहे का लाइसेंस भी नहीं दिया जाएगा। इस एमएलसी ने उन्हें आश्वासन देने के साथ पूर्व कैबिनेट मंत्री रघुराज प्रताप सिंह से बात कराई। तब जाकर ग्रामीणों ने शव का अंतिम संस्कार किया।
कोतवाली क्षेत्र के ताजपुर ढिकुही गांव में प्रेम प्रपंच को लेकर प्रधानपुत्र अभिषेक प्रजापति (21) की हत्या कर दी गई थी। सोमवार को उसका शव कुएं में मिला। इसके चलते ग्रामीणों ने हंगामा कर दिया। तोड़फोड़ के साथ ही आगजनी भी की गई थी। इसके बाद किसी तरह से नीरज पांडेय ने समझाकर शव को कुएं से बाहर निकलवाया। उसे पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। शव के पोस्टमार्टम से आने के बाद ग्रामीणों ने उसका अंतिम संस्कार करने से मना कर दिया। इसकी जानकारी पर फिर से भारी पुलिस फोर्स मौके पर पहुंच गई थी। इसके साथ ही जानकारी पर एमएलसी अक्षय कुमार सिंह गोपालजी भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने प्रधान सहित ग्रामीणों को समझाया कि उन्हें दो शस्त्र लाइसेंस के लिए कहा गया है। वह डीएम से कहकर दिलाया जाएगा। इसके साथ ही तोड़फोड़ आगजनी का कोई फर्जी मुकदमा दर्ज नहीं हेागा। इस दौरान ग्रामीण बार-बार अंतिम संस्कार करने से मना करते रहे। बाद में गोपाल जी ने फोन पर कैबिनेट मंत्री रघुराज प्रताप सिंह से प्रधान की बात कराई। इसके बाद प्रधान व ग्रामीण मान गए और देर शाम तक अंतिम संस्कार कराया।