पट्टी पुलिस के रवैए से खफा ग्रामीणों ने सोमवार को पुलिस अधीक्षक का घेराव किया। घायल के साथ ग्रामीण एसपी की कार के आगे बैठ गए और नारेबाजी करने लगे। शोर पर बाहर निकले एएसपी पूर्वी ने लोगों की बातों को सुना और फोन पर पट्टी कोतवाल को फटकार लगाई। नगर कोतवाल को बुलाकर घायल को इलाज के लिए जिला अस्पताल भेजवाया।
पट्टी कोतवाली क्षेत्र के इब्राहीमपुर निवासी इंद्रजीत पुत्र बल्देव को 19 अगस्त सुबह पड़ोसी समेत कई अन्य लोगों ने लाठी डंडे से पीट-पीटकर मरणासन्न कर दिया था। उसके हाथ की हड्डी कई जगह से टूट गई थी। शिकायत के बाद पुलिस एनसीआर दर्ज कर उसे इलाज के लिए भेज दिया। गंभीर हालत देख डाक्टरों ने उसे इलाहाबाद रेफर कर दिया। इस दौरान हमला करने वाले लोग घायल इंद्रजीत के परिजनों को धमकाते रहे। हमला करने वालों के खिलाफ पुलिस ने कार्रवाई नहीं की।
इससे आक्रोशित तमाम ग्रामीण सोमवार को घायल इंद्रजीत को लेकर पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचे। सभी ने एसपी को अपना दुखड़ा सुनाया। एसपी ने पट्टी कोतवाल से बात कर कार्रवाई को कहा। इससे असंतुष्ट ग्रामीण एसपी के कार के पास घायल के साथ बैठ गए। वे पट्टी पुलिस के साथ ही हीलाहवाली करने वाले अधिकारियों के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। इस पर एएसपी पूर्वी स्वामीनाथ अपने कार्यालय से उनके पास आए। उनकी समस्या को जानने के बाद इंस्पेक्टर पट्टी को फोन पर ही फटकार लगाई और आरोपियों की गिरफ्तारी का आदेश दिया। नगर कोतवाल हरिपाल सिंह यादव को बुलाकर घायल को जिला अस्पताल में इलाज का प्रबंध कराने को कहा। तब जाकर ग्रामीणों का गुस्सा शांत हुआ। बताया जाता है कि ग्रामीणों को कुछ लोग हंगामे के लिए उकसाते रहे।