रात लगभग डेढ़ बजे हरिद्वार एक्सप्रेस अपनी पूरी गति से इलाहाबाद से हरिद्वार की ओर दौड़ रही थी। अमेठी स्टेशन के आउटर पर ट्रेन के थोड़ा धीमे होते ही एक बेखौफ लुटेरा अपने बच्चों संग सो रही एक महिला का पर्स लूटकर भागा। झटके से जगी महिला पल भर में हालात को भांप बदमाश को दबोचने के लिए उठी। बदमाश चलती ट्रेन से कूद गया। महिला ने भी बिना एक पल गंवाये बदमाश के पीछे छलांग लगा दी। महिला जख्मी हो गई पर बदमाश अंधेरे का फायदा उठाकर भाग निकला। हालांकि घटना में बदमाश भाग निकला पर इस साहसी महिला ने एक संदेश तो छोड़ ही दिया कि अब महिलाओं को अबला समझने की भूल न करें। घटना का शिकार बनी महिला केंद्रीय रिजर्व पुलिस फोर्स में असिस्टेंट कमांडेंट की पत्नी है। अमेठी में ट्रेन रुकने के बाद घटना की जानकारी पर आरपीएफ की मदद से महिला को स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घटना की जानकारी महिला के परिजनों को दे दी गई है।
पिछले एक महीने में हरिद्वार एक्सप्रेस में लूट की तीन वारदात कर चुके बेखौफ बदमाश गुरुवार की रात चौथी बार इस ट्रेन में लूट की घटना को अंजाम देने में कामयाब हो गए। पुलिस के मुताबिक हरिद्वार एक्सप्रेस ट्रेन के स्लीपर कोच की बर्थ संख्या 62/64 पर अंजू मिश्रा पत्नी पंकज मिश्रा दो बच्चों के साथ सफर कर रहीं थीं। उनको रामपुर जाना था। वह इलाहाबाद से ट्रेन में सवार हुईं थीं। ट्रेन अमेठी स्टेशन के आउटर पर पहुंची तभी बदमाश उनका पर्स लूटकर ट्रेन से कूद पड़ा। अपनी जान की परवाह किए बगैर अंजू ने भी लुटेरे को पकड़ने के लिए उसकी पीछे छलांग लगा दी। लेकिन अफसोस बदमाश अंधेरे का फायदा उठाकर भागने में सफल हो गया। रेलवे लाइन पर कूदने की वजह से अंजू जख्मी हो गईं। ट्रेन अमेठी पहुंची तो यात्रियों ने घटना की जानकारी आरपीएफ को दी। आरपीएफ की मदद से अंजू को सीएचसी अमेठी में भर्ती कराया गया। हरिद्वार एक्सप्रेस में संयोग से एसओ जीआरपी वीके सिंह शस्त्रबल के साथ उस रात ट्रेन में मौजूद थे पर पुलिस वालों को घटना की जानकारी अमेठी स्टेशन पर ही हो पाई। जीआरपी ने बताया कि जिस महिला के साथ घटना हुई उसका नाम अंजू मिश्रा है। उनके पति पंकज मिश्रा जो कि रामपुर में सीआरपीएफ में असिस्टेंट कमांडेंट है जो इस समय इलाहाबाद में चल रही भर्ती प्रक्रिया में लगे हुए हैं।