प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री के जिला अस्पताल के निरीक्षण के दौरान समर्थकों ने इमरजेंसी के वार्ड ब्वॉय को पीट दिया। इसे लेकर हंगामा हो गया। कर्मचारी अस्पताल बंद कराकर प्रदर्शन करने लगे। इस दौरान मंत्री का रास्ता रोक रहे कर्मचारियों पर एएसपी पूर्वी ने बल प्रयोग किया तो उनसे भी धक्कामुक्की की गई। इससे भड़के पुलिसकर्मियों ने कार्रवाई करते हुए एक बवाली को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। इसके साथ ही मंत्री के समर्थकों के ऊपर मुकदमा दर्ज कराने के बाद ही कर्मचारी काम पर लौटे।
स्वास्थ्य मंत्री प्रो. शिवाकांत ओझा बुधवार को महिला अस्पताल का निरीक्षण करने के बाद जिला अस्पताल पहुंचे। वार्ड के निरीक्षण के बाद मंत्री ऑक्सीजन पाइप लाइन के बारे में जानकारी लेने लगे। सीएमओ व सीएमएस कोई जवाब दे पाते इससे पहले ही इमरजेंसी में तैनात वार्ड ब्वॉय जय प्रकाश यादव जवाब देने लगा। मंत्री ने उसका परिचय पूछ लिया। उसने खुद को वार्ड ब्वाय बताया। ड्रेस न पहनने का मंत्री ने सवाल दागा तो वह बोल पड़ा कि अभी मिली नहीं है। वार्ड ब्वाय के जवाब के तरीके से नाराज मंत्री ने फटकार लगाई और आगे बढ़ गए। प्रत्यक्षदर्शियों की मानें तो इस बात से गुस्साए मंत्री के समर्थकों उसे पीट दिया। वह बाथरूम में घुसकर जान बचाई।इससे कर्मचारी आक्रोशित हो उठे। ओपीडी में निरीक्षण कर रहे मंत्री के सामने वार्ड ब्वॉय को लेकर कर्मचारी पहुंचे और विरोध जताते हुए समर्थकों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करने लगे।
कर्मचारियों ने अस्पताल की सभी सेवाएं ठप करा दी। यहां तक इमरजेंसी सेवा भी बंद कर दिया। एएसपी पूर्वी स्वामीनाथ भी अस्पताल पहुंचे। इस बीच उपद्रवी लोगों ने अस्पताल मुख्य गेट बंद कर दिया। गेट खुलवाने के लिए एएसपी आगे आए तो कर्मचारी उनसे भी भिड़ गए। मंत्री के जाने के बाद पुलिस ने एक बवाली युवक को दबोच लिया। वहीं इस मामले में वार्ड ब्वाय जय प्रकाश की तहरीर पर पुलिस ने प्रकाशचंद्र तिवारी निवासी पूरे गोविंदपुर व दो अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया। एएसपी पूर्वी स्वामीनाथ का कहना है कि मंत्री का रास्ता कुछ लोगों ने रोक लिया था। उन्हीं लोगों को हटाया गया। बवाल करने वाला बृजेश यादव वार्ड ब्वाय जय प्रकाश यादव का चचेरा भाई है। जिसका शांति भंग की आशंका में चालान किया जा रहा है।मंत्री शिवाकांत के मीडिया प्रभारी महेंद्र पांडेय का कहना है कि तीमारदारों ने वार्ड ब्वॉय को पीटा। अगर कोई उसमें मंत्री समर्थक हुआ तो उसके खिलाफ कार्रवाई होगी।