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22 लाख की लूट में दलालों पर शक

Sat, 02 Apr 2016 12:23 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो प्रतापगढ़
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एआरटीओ कार्यालय परिसर से अंधाधुंध फायरिंग कर 22 लाख रुपये लूट की घटना को लेकर पुलिस के शक की सुई दलालों की ओर घूमी है। ऐसे दो दलालों को हिरासत में लेकर पुलिस पूछताछ कर रही है। चौंकाने वाली बात यह है कि कर्मचारियों के विरोधाभासी बयानों ने पुलिस की शंका बढ़ा दी है। पुलिस हर बिंदुओं पर गहन छानबीन कर रही है।
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एआरटीओ कार्यालय महुली में गुरुवार की शाम छह बजे दो नकाबपोश लुटेरे अंधाधुंध फायरिंग कर 22 लाख रुपये लूट ले गए थे। इस दौरान स्वीपर रज्जन प्रसाद को गोली लगने की बात सामने आई थी। डॉक्टरों ने उसे इलाहाबाद के लिए रेफर भी कर दिया था। घटना के बाद आला अधिकारियों ने छानबीन की। रात में पुलिस ने कर्मचारी रमेश उपाध्याय के पटल के पर अक्सर रहने वाले दो दलालों को घर से उठा लिया। रात भर उनसे गहन पूछताछ की गई। उनके व कर्मचारियों के बयान लेने के बाद पुलिस ने गहन छानबीन की। कर्मचारियों ने भी पूछताछ के दौरान विरोधाभासी बयान दिया था। जिससे पुलिस के शक की सुई कार्यालय के कर्मचारियों के साथ ही दलालों की ओर घूम रही है। यहां तक कि एक दलाल ने ही कैश गिना और उसे कैशियर धर्मप्रकाश तिवारी को दिया।

कैश की जानकारी कार्यालय में काम करने वाले कर्मचारियों के साथ ही दलालों को थी। नगर कोतवाल हरपाल सिंह यादव ने बताया कि लूट के रुपये खोजे जा रहे हैं। कर्मचारियों के मोबाइल खंगालने के साथ ही वीटीएस भी चेक करने के लिए क्राइम ब्रांच को लगाया गया है। पुराने लुटेरों की तलाश में ताबड़तोड़ दबिश दी गई, लेकिन वे नहीं मिले। सुबह से लेकर शाम तक गुलजार रहने वाले एआरटीओ कार्यालय में शुक्रवार को सन्नाटा पसरा रहा। मुख्य मार्ग पर वाहनों का मेला लगा रहता था। आज पूरी सड़क व पटरियां खाली थीं। कार्यालय में कोई कामकाज नहीं हो सका। सभी कर्मचारी भी पटल छोड़कर एआरटीओ से ही गुफ्तगू में व्यस्त थे। कार्यालय के एक कोने में कई दलाल जमा थे। फोटो खिंचते ही वे भागने लगे। कुछ लोग काम कराने आए थे लेकिन जब पूरा मामला समझ में आया तो तत्काल खिसक लिए।
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