कोतवाली क्षेत्र के औराइन गांव में दोस्तों द्वारा वीर बहादुर को मौत के घाट उतारने के पीछे अवैध संबधों की बात सामने आई है। वीर बहादुर की हत्या के लिए देवसरा थाने के एक हिस्ट्रीशीटर की मदद लिए जाने की आशंका है। पुलिस नामजद तीनों आरोपियों को जेल भेजने के बाद अब आरोपियों के बयान में प्रकाश में आए चौथे आरोपी की भी तलाश में जुटी है।
औराइन गांव निवासी वीर बहादुर सरोज का शव बीते 22 दिसंबर को सड़क किनारे मिला था। वह दोस्तों राजकुमार वर्मा, प्रदीप तिवारी, व राम प्रवेश उर्फ रिंकू गौतम के साथ मुर्गा दारू की पार्टी के लिए घर से निकला था। हत्या के मामले में परिजनों ने तीनों दोस्तों को नामजद करते हुए प्राथमिकी दर्ज कराई थी।
पुलिस ने नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी की तो कहानी के सूत्र आपस में नहीं मिल रहे थे। पुलिस ने जब कई चक्र पूछताछ की तब अवैध संबंध में हत्या का मामला सामने आया तथा हत्या के लिए आसपुर देवसरा क्षेत्र के एक हिस्ट्रीशीटर की मदद लिए जाने की बात कही गई। सभी आरोपियों को हत्या व दलित उत्पीड़न के मुकदमे में जेल भेज दिया गया है। विवेचक पट्टी सीओ सुकराम पाल सिंह तोमर ने बताया कि इन आरोपियों को जेल भेजे जाने के बाद पुलिस अब उस हिस्ट्रीशीटर की तलाश में लग गई है जिसकी संलिप्तता बताई जा रही है।