शनिवार की भोर गेहूं काटने की बात कह घर से निकली छह बच्चों की मां पुआल के छप्पर में फांसी पर झूल गई। जब पर उस पर लोगों की नजर पड़ी वह मर चुकी थी। परिजनों का दावा है कि फसल की बर्बाद स्थिति देख सदमे में वे मौत को गले लगा ली। घटना को लेकर लोग तरह-तरह की चर्चा कर रहे हैं। खबर मिलते ही मौके पर पहुंचे सदर एसडीएम जेपी मिश्र ने खेत और घटनास्थल का मुआयना किया।
अंतू थाना क्षेत्र के मझिलहा इशरी गांव निवासी रामआसरे की पत्नी गीता देवी (50) करीब चार दिन से अपने खेत में गेहूं काट रही थी। विगत दिनों की तरह वह शनिवार की भार बिस्तर से उठी और परिजनों से गेहूं काटने की बात कह निकल गई। घर के पीछे पुआल (धान का पैरा) से बने छप्पर की बल्ली में रस्सी बांधकर उसने फांसी लगा ली। सुबह करीब छह बजे उसकी जेठानी मंशा देवी हंसिया मांगने उसके घर पहुंची। घर वालों ने बताया कि छप्पर में जाकर वह हंसिया ले ले। वह छप्पर में पहुंची तो गीता देवी की लाश फंदे से लटक रही थी। यह देख वह चीख पड़ी। चीख सुनकर पहुंचा रामआसरे हंसिया से रस्सी के फंदे को काट कर पत्नी के शिर को नीचे उतारा। घर में कोहराम मच गया। खबर मिली तो मौके पर पहुंचे एसडीएम ने गहन पड़ताल की।
एसडीएम को परिजनों ने बताया कि गेहूं की बर्बाद फसल देख वह काफी चिंतित थी। सदमे में उसने मौत को गले लगा लिया। उधर गांव में इस घटना को लेकर दबी जुबान लोग तरह-तरह की चर्चा करते रहे। एसडीएम ने उसके गेहूं के खेत का मुआयना किया। कहा कि वह मामले की रिपोर्ट सीधे डीएम को देंगे। पंचनामा बाद गड़वारा चौकी पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।