अपर सत्र न्यायधीश अजय सिंह ने गैर इरादतन हत्या में दो पुलिसकर्मियों को सात-सात साल की कैद और 20,000-20,000 हजार जुर्माने की सजा सुनाई है। इसमें एक पुलिसकर्मी को सेवानिवृत्ति के बाद सजा भुगतनी होगी। घटनाक्रम के अनुसार सांगीपुर निवासी भानुप्रताप सिंह ने उदयपुर थाने में 14 अक्तूबर 1990 को मुकदमा दर्ज कराया था कि इलाके के पथरिया गांव निवासी रामपियारे को रेहुआ लालगंज चौकी पुलिस घर से मारते-पीटते हुए लाई। पुलिस की पिटाई से रामपियारे बेहोश हो गया। अगले दिन पुलिस ने उसका चालान कर दिया। जमानत कराकर घर पहुंचते ही उसकी मौत हो गई।
अधिकारियों से शिकायत के बाद उदय पुलिस ने मामले में तत्कालीन चौकी इंचार्ज जमुना प्रसाद, सिपाही प्रेम नारायण और शंभूदयाल मौर्या के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज कराया। दोनों पक्षों के वकीलों की दलीलें सुनने के बाद अपर सत्र न्यायाधीश ने प्रेमनारायण शर्मा निवासी भितरी थाना नरकी जिला फिरोजाबाद और शंभूदयाल मौर्या निवासी सोंधी थाना कदौरा जिला बांदा को दोषी पाते हुए सात-सात साल की कैद और बीस-बीस हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। मुकदमा के दौरान तत्कालीन चौकी इंचार्ज जमुना प्रसाद की मौत हो चुकी थी, जबकि प्रेमनारायण शर्मा सेवानिवृत्त हो चुके हैं।