अपर सत्र न्यायधीश एफटीसी कोर्ट प्रथम अजय सिंह ने हत्या के चार अभियुक्तों को आजीवन कारावास और 22-22 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। साक्ष्य के अभाव में कोर्ट ने पांच आरोपियों को बरी कर दिया है। शनिवार को सभी आरोपियों की मौजूदगी में कोर्ट ने अपना फैसला सुनाया। नवाबगंज इलाके के संग्रामपुर गांव निवासी विक्रम प्रताप सिंह ने 15 मई 2007 को मुकदमा दर्ज कराया था कि रात करीब दस बजे उनके चचेरे भाई कमलेंद्र प्रताप सिंह की महावीरन गांव के पास उस समय हत्या कर दी गई, जब वह गांव के ही बुधईलाल के साथ घर लौट रहे थे।
मुकदमे में ओमप्रकाश, अखिलेश कुमार, अभिषेक कुमार, सुमन देवी, लाल बहादुर, मुंशीलाल, रामप्रताप और अरुणेश निवासी संग्रामपुर और राजेश कुमार निवासी आलापुर को आरोपी बनाया गया था। दोनों पक्षों के वकीलों की दलीलें सुनने के बाद कोर्ट ने शनिवार को ओमप्रकाश, अखिलेश कुमार, अभिषेक कुमार और राजेश कुमार को आजीवन कारावास और 22-22 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। जबकि मुकदमे के परीक्षण में सुमन देवी, लालबहादुर, मुंशीलाल, रामप्रताप और अरुणेश के दोषमुक्त मिलने पर बरी कर दिया गया है। अदालत के आदेश पर चारों आरोपियों को जिला कारागार में भेज दिया गया है।