शुक्रवार सुबह जिला अस्पताल पहुंचे एक युवक ने हड़कंप मचा दिया। मुंबई से आया युवक रोडवेज बस स्टैंड में उतरने के बाद पैदल ही टहलते हुए जिला अस्पताल पहुंचा और डाक्टरों से चिल्लाते हुए कहा कि मुझे कोरोना है, जल्दी भर्ती करो।
उसकी बातें सुनने के बाद अस्पताल में मौजूद लोग इधर-उधर भागने लगे। डाक्टर भी सहम गए। मौके पर पहुंची स्वास्थ्य विभाग की टीम उसे ट्रामा सेंटर गायघाट में बने कोविड एल-1 अस्पताल ले गई।
कंधई थाना क्षेत्र के कापाहरि गांव का एक युवक मुंबई में रहता था। 16 मई को वह अपने चार अन्य साथियों के सायन अस्पताल में कोरोना की जांच कराने पहुंचा। वहां डाक्टरों ने सभी का सैंपल लिया। कुछ जरूरी दवाएं देकर सभी को घर पर ही क्वारंटीन रहने की हिदायत दी। 17 मई को सभी की रिपोर्ट पाजिटिव आ गई।
जानकारी मिलने के बाद 19 मई को उसके चार साथी भाग निकले। इसके बाद युवक अकेला पड़ गया। उसने भी अपना ठिकाना बदल दिया। मोबाइल बंद करने के बाद 27 मई को वह यूपी आ रही स्पेशल ट्रेन में सवार हो गया।
गुरुवार की रात वह वाराणसी रेलवे स्टेशन पहुंचा। वहां से बस में बैठकर घर के लिए रवाना हुआ। रायबरेली डिपो की बस ने उसे शुक्रवार की सुबह शहर में स्थित रोडवेज बस स्टैंड में उतार दिया। इसके बाद वह टहलते हुए जिला अस्पताल पहुंच गया।
अस्पताल में थर्मल स्क्रीनिंग के लिए कतार लगी थी। अस्पताल पहुंचते ही युवक ने लोगों को चिल्ला-चिल्ला कर दूर करना शुरू कर दिया। दूर से ही उसने डाक्टर से कहा कि वह कोरोना पाजिटिव है। यह सुनते ही स्वास्थ्यकर्मियों के रोंगटे खड़े हो गए। लाइन में खड़े लोग भागने लगे।
पूछताछ के बाद डाक्टरों ने प्रकरण की जानकारी सीएमएस व सीएमओ को दी। कुछ ही देर में स्वास्थ्य विभाग की टीम मौके पर पहुंची और संक्रमित युवक को ट्रामा सेंटर गायघाट ले गई। इसकी जानकारी होने पर युवक के घर में भी हड़कंप मच गया। गनीमत यह रही कि वह घर जाने के बजाए सीधे अस्पताल पहुंचा था।
ट्रेन के बाद फिर बस से किया सफर, सैकड़ों लोगों को मुसीबत में डाला
कोरोना संक्रमित युवक घर आने के लिए श्रमिक स्पेशल ट्रेन में सवार हुआ। कोच में करीब 56 लोग सवार थे। जिसमें महिलाओं के साथ ही बच्चे व पुरुष भी शामिल थे। शौचालय का भी उसने उपयोग किया। वाराणसी रेलवे स्टेशन पर उतरने के बाद वह बाहर निकला और बस में सवार हो गया। बस में भी करीब 36 लोग बैठे थे। अब स्वास्थ्य विभाग भी परेशान है कि पता नहीं वह कितने लोगों के संपर्क में आया। फिलहाल उससे पूछताछ के बाद मामले की जानकारी आला अधिकारियों को दी गई है। उसका यात्रा इतिहास वाराणसी प्रशासन को भी भेजा गया है।
अस्पताल में मच गई थी भगदड़
शुक्रवार की सुबह मुंबई से आया युवक खुद ही जिला अस्पताल पहुंचा। हालांकि वह पैदल ही गया था। उसने भीड़ के बीच जब खुद को कोरोना पाजिटिव बताया तो भगदड़ मच गई। हर कोई भागने लगा। लोग अपना चेहरा ढकने लगे। उसे कुछ दूरी पर बैठने के लिए कहा गया। जिला अस्पताल में तैनात स्वास्थ्यकर्मियों में भी भय का माहौल दिखा।