मुंबई और गुजरात से आने वाले परदेसी बेल्हावासियों को संकट में डाल सकते हैं। जिले में अभी तक जो जांच हुई हैं, उसमें बेल्हा में रहने वाला एक भी कोरोना संक्रमित नहीं मिला है।
पहले चरण में हुई जांच में दिल्ली के मरकज से आए छह जमाती कोरोना पॉजिटिव मिले थे, जबकि दूसरे चरण में मुंबई के धरावी से आए कुंडा स्थित बरई में एक और पट्टी स्थित बरहूपुर में दो कोरोना पॉजिटिव मिले हैं। अगर मुंबई और गुजरात से 15,000 लोग आते हैं तो यह बेल्हा के लोगों के लिए नई मुसीबत खड़ी कर सकते हैं।
मुख्यमंत्री की घोषणा के बाद घर वापसी के लिए दबाव बढ़ता जा रहा है। मुंबई और गुजरात में रहने वाले अपने परिजनों को फोन कर आने की तरकीब पूछने के साथ ही कंट्रोल रूम में दिन-रात फोन घनघना रहे हैं। शासन ने पहले ही जिला प्रशासन को अलर्ट करते हुए 15,000 लोगों को क्वारंटीन करने की व्यवस्था और अस्थायी अस्पताल तैयार रखने को कहा है।
अगर जिले में मुंबई और गुजरात से इतनी बड़ी संख्या में लोग आते हैं तो निश्चित रुप से बेल्हा के लोगों की परेशानी बढ़ जाएगी। दरअसल, अभी तक बेल्हा के लोगों को हलाकान करने वाले बाहरी लोग ही है। जिले में अभी तक कोरोना पॉजिटिव नौ मामले आ चुके हैं।
जिसमें छह लोग दिल्ली के मरकज से आए हुए थे, जो अब निगेटिव हो गए हैं। कुंडा के बरई में मुंबई के धारावी से आने वाली एक महिला कोरोना पॉजिटिव मिली है, जो इस समय एसआरएन में भर्ती हैं। पट्टी के बहरुपुर गांव में दो कोरोना मरीज मिले हैं, यह लोग भी मुंबई के धारावी से आए हुए थे।
जिले के 60 कालेजों का किया गया है अधिग्रहण
मुंबई और गुजरात से आने वाले 15,000 लोगों को क्वारंटीन करने के लिए जिले के 60 कालेजों का अधिग्रहण किया गया है। जिला प्रशासन की जो तैयारी है उसके मुताबिक सभी तहसीलों में तीन-तीन हजार लोगों को क्वारंटीन करने की योजना है।