कोरोना की दूसरी लहर अब धीरे-धीरे कम हो रही है। संभावित कोरोना की तीसरी लहर से निपटने के लिए जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग तैयारी में जुटे हैं। शासन ने अब गर्भवती महिलाओं के टीकाकरण के लिए भी अनुमति दे दी है। निदेशक का पत्र आने के बाद सीएचसी और पीएचसी में टीकाकरण अभियान में गर्भवती महिलाओं को भी शामिल करने के लिए कहा गया है।
कोरोना महामारी पर काबू पाने के लिए 18 प्लस के सभी लोगों को सरकारी अस्पतालों में वैक्सीन की डोज दी जा रही है। अभी तक एहतियातन गर्भवती महिलाओं और प्रसूताओं का टीकाकरण नहीं किया जा रहा था। अब कोरोना की संभावित तीसरी लहर से बचने के लिए शासन ने टीकाकरण में गर्भवती महिलाओं को भी शामिल करने के लिए हरी झंडी दे दी है। शासन की ओर से आए पत्र में कहा गया है कि टीकाकरण स्थल पर गर्भवती महिलाओं को भी बुलाकर टीका लगाया जाए। पत्र मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग के अफसर टीकाकरण की तैयारियों में जुट गए हैं। निदेशक ने सीएमओ को भेजे पत्र में कहा है कि कोरोना संक्रमण की वजह से गर्भवती महिलाओं के स्वास्थ्य में तेजी से गिरावट आती है।
गर्भ में पल रहे नवजात की जान पर भी खतरा बना रहता है। कोरोना वैक्सीन पूरी तरह से सुरक्षित है। मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉक्टर आर्य देशदीपक ने बताया कि तात्कालिक रूप से कोई परेशानी नहीं है। नौ माह के गर्भावस्था में कभी भी टीका लिया जा सकता है। टीका पूरी तरह से सुरक्षित है। अन्य देशों में इसका ट्रायल भी हो चुका है।
शासन की ओर से गर्भवती महिलाओं को वैक्सीन की डोज देने की अनुमति मिल गई है। जल्द ही गर्भवती महिलाओं का टीकाकरण किया जाएगा। महिलाएं पहले से अपना पंजीकरण करवा सकती हैं। -महेश सिंह, जिला सहायक प्रतिरक्षाधिकारी