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कोरोना वैक्सीन का अकाल, टीका लगवाने बूथों पर पहुंचे लोगों ने किया हंगामा

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जिला पंचायत सभागार में कोरोना टीकाकरण टीम न पहुंचने से परेशान वैक्सीन लगवाने आये लोग। - फोटो : PRATAPGARH
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जिले में कोरोना टीकाकरण के लिए चिह्नित केंद्रों पर वैक्सीन का अकाल देखा जा रहा है। बुधवार को वैक्सीन न लग पाने पर लोगों ने हंगामा भी किया। आठ हजार लोगों के सापेक्ष केवल 815 लोगों को ही टीका लगाया जा सका। पहले से पंजीयन कराने वाले लोग भी केंद्रों पर पहुंचकर बैरंग लौटने को मजबूर हो गए। स्वास्थ्य विभाग की ओर से पहले लोगों को केंद्रों पर टीकाकरण कम होने की कोई जानकारी नहीं दी गई थी। इससे लोगों में आक्रोश भी रहा।
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कोरोना की तीसरी लहर आने की आशंका स्वास्थ्य विभाग की ओर से लगातार जताई जा रही है, जिसे लेकर हर कोई घबराया हुआ है। दूसरी लहर के कहर को देख चुके लोग अब खासे चौकन्ने हैं। कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए टीकाकरण अभियान चलाया जा रहा है, जिसमें 18 वर्ष से ऊपर के लोगों को टीका चिह्नित केंद्रों पर लगाया जा रहा है। हर दिन बड़ी संख्या में लोग केंद्रों पर टीका लगवाने पहुंच भी रहे हैं। मगर टीकाकरण में अब स्वास्थ्य विभाग फिसड्डी साबित हो रहा है।
वैक्सीन की कमी का खामियाजा लोगों को बुधवार के दिन भी भुगतना पड़ा। चिह्नित सेंटरों पर टीकाकरण नहीं हो सका। बुधवार को 48 केंद्रों पर अफरा तफरी का माहौल देखने को मिला। वैक्सीन की कमी के चलते अभियान पर बुरा प्रभाव पड़ रहा है। जिले को केवल 63 वायल टीका ही मिल सका। हर दिन जहां आठ से दस हजार लोगों को टीका लग जाता था। वहां केवल 815 लोगों को ही टीका लग सका। क्लस्टर अभियान के साथ बूथों पर लगने वाले टीकाकरण कैंप पर लोगों को टीका नहीं लग सका।
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लालगंज, कुंडा व जिला अस्पताल सहित दर्जन भर सेंटरों पर टीके की केवल दूसरी डोज ही लगाई गई। इससे टीका लगवाने के लिए बूथों पर पहुंचे लोगों ने हंगामा भी किया। गौरा, रानीगंज, मानधाता, महिला अस्पताल सहित कई सेंटरों पर कर्मचारियों से टीका लगवाने पहुंचे लोगों से कहासुनी भी हुई।
सभी स्वास्थ्य विभाग के रवैये से आक्रोशित दिखे। बृहस्पतिवार को भी टीकाकरण को लेकर संशय बना हुआ है। दरअसल अभी तक वैक्सीन आई नहीं है। आएगी भी तो कितनी मिल रही है इसके बारे में कोई कुछ बताने को तैयार नहीं है। डिप्टी सीएमओ डा. आरसी शर्मा ने बताया कि जो वायल मिल रहे हैं। उसी से काम चलाया जा रहा है।
कल्स्टर अभियान के बाद से वैक्सीन की बढ़ी खपत
जिले में कल्स्टर अभियान चलाए जाने के बाद से ही वैक्सीन की खपत बढ़ गई। लोग बगैर डर के अब टीका लगवाने के लिए परिवार सहित बूथों पर पहुंचने लगे हैं। जिसके चलते वैक्सीन की कमी होने लगी। ऐसे में अब सवाल उठने लगा है कि जब वैक्सीन उपलब्ध कराने में समस्या आ रही है तो तीसरी लहर से लोगों को कैसे बचाया जाएगा। सीएमओ डा. अरविंद श्रीवास्तव आसपुर देवसरा, गौरा, मंगरौरा, मानधाता, सदर और सुखपालनगर में कल्स्टर अभियान चलाकर गांव-गांव टीम भेजकर टीकाकरण शुरू कराने का आदेश दिया है। महज चार दिनों तक चले अभियान के बाद टीके का अकाल हो गया। स्वा
पंजीयन कर लोगों को लौटाया
कोरोना का टीका लगवाने के लिए महिला अस्पताल पहुंचे लोगों को पहले यह जानकारी नहीं दी गई कि वैक्सीन का संकट है। हेल्थ वर्कर ने बारी बारी एक-एक सदस्य का पंजीयन किया। सभी के मोबाइल पर मैसेज भी आ गया। अचानक हेल्थ वर्कर वहां से गायब हो गया। इस दौरान लोग हंगामा करने लगे। सीएचसी-पीएचसी में महज नाम मात्र का टीकाकरण हो रहा है।
आज भी वैक्सीन का हो सकता है संकट
स्वास्थ्य विभाग के मुखिया वैक्सीन की डिमांड शासन को भेज रहे हैं। मगर मांग के मुताबिक वैक्सीन मिल नहीं पा रही है। ऐसे में अफसर भी परेशान हो गए हैं। बृहस्पतिवार को भी टीका केंद्रों पर टीका लगाए जाने को लेकर स्वास्थ्य कर्मचारी असमंजस में हैं। टीकाकरण वैक्सीन की उपलब्धता पर ही निर्भर है।

महिला अस्पताल में वैक्सीन न लगाये जाने के विरोध में प्रदर्शन करते टीका लगवाने आये लोग।- फोटो : PRATAPGARH

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