Corona's havoc continues, six months later 73 patients including CDO found together
कोरोना का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है। दिनों दिन संक्रमित मरीजों की संख्या लगातार बढ़ता ही जा रहा है। पांच माह बाद स्वास्थ्य विभाग की जांच में फिर 24 घंटे के अंदर जिले के मुख्य विकास अधिकारी समेत 73 कोरोना पॉजिटिव मरीज मिलने की पुष्टि सीएमओ ने की है। इनमें शहर के जैन गली के रहने वाले एक ही परिवार के 11 लोग भी शामिल हैं। मोबाइल कंपनी के पांच कर्मचारी, तीन रेलकर्मी और एक यात्री भी कोरोना की गिरफ्त में आए हैं।
जिले में कोरोना संक्रमण का ग्राफ लगातार बढ़ता जा रहा है। शुक्रवार को 24 घंटे के भीतर जिले में 73 कोरोना संक्रमित मरीज स्वास्थ्य विभाग के जांच में पाए गए। इनमें शहर के जैनगली में रहने वाले एक ही परिवार के 11 सदस्य जांच में कोरोना संक्रमित मिले हैं। हालांकि पूरे परिवार को होम आइसोलेशन में स्वास्थ्य विभाग रखवा दिया है। प्राथमिक विद्यालय के शिक्षक का पूरा परिवार भी कोरोना की जद में आ गया है। शिक्षक कहां के रहने वाले हैं इसके बारे में स्वास्थ्य विभाग जानकारी देने से कतरा रहा है। कंपनी गार्डेन मीराभवन मार्ग पर मोबाइल कंपनी का कार्यालय है। कंपनी में काम करने वाले पांच कर्मचारी भी कोरोना संक्रमित पाए गए हैं। रेलवे स्टेशन पर हुई जांच में चीफ पीडब्लूआई अवधेश पाल व उनकी पत्नी जांच में कोरोना संक्रमित मिले हैं। टीएसआई मनोश शुक्ला, पृथ्वीगंज स्टेशन मास्टर सुभान सिंह व उसके पिता की रिपोर्ट कोरोना संक्रमित आई है।
नई दिल्ली से आई पद्मावत एक्सप्रेस के 55 यात्रियों की कोरोना जांच की गई। इनमें एक यात्री संक्रमित पाया गया। इसी ट्रेन से आए दो रेलवे कर्मचारी भी जांच में संक्रमित मिले थे। उधर, कुंडा में स्वास्थ्य विभाग की टीम के जांच में नौ लोग कोरोना संक्रमित मिले हैं। इनमे कुंडा के उचे गांव का बालक, बेंती की महिला, परमीपुर के युवक, सराय स्वामी बाबागंज के युवक बरई कुंडा के युवक, महेश्वरी नगर कुंडा का किशोर, दशरथपुर कुंडा की महिला , मिया का पुरवा का युवक वहीं बेलखरनाथ सीएचसी में जांच में चार लोग कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं। जिले में कुल 73 मरीज संक्रमित मिले हैं। महिला अस्पताल के एलटू अस्पताल में संक्रमित मरीजों की संख्या बढ़कर 27 हो गई है। प्रयागराज में 24 तो लखनऊ में बेल्हा के चार मरीज भर्ती हैं। जिले में एक्टिव केस की संख्या 308 हो गई है। अबतक 78 मरीज इलाज के दौरान दम भी तोड़ चुके हैं।