धर्म के ठेकेदार धर्म की दुहाई देकर हमें अधर्मी का प्रमाणपत्र बांट रहे: स्वामी प्रसाद
बोले पूर्व मंत्री व सपा नेता संविधान में सभी धर्म, जाति के लोगों को समान अधिकार
बाघराय के फूलपुर मौरी में आयोजित डॉ. आंबेडकर, ज्योतिराव फूले की जयंती पर पहुंचे पूर्व कैबिनेट मंत्री स्वामी प्रसाद
संवाद न्यूज एजेंसी
बाघराय। भारतीय संविधान सभी धर्म, जाति के लोगों को समान अधिकार देता है। ऊंच-नीच, छूत-अछूत का भेदभाव न मानने के लिए कहता है। इसके बावजूद सरकार हिंदू-मुस्लिम की राजनीति करके सत्ता में बने रहना चाहती है। यह बातें बाघराय के फूलपुर मौरी चौराहे पर बहुजन युवा एकता मंच के तत्वावधान में ज्योतिराव फूल व डॉ. भीमराव आंबेडकर के संयुक्त जयंती पर पूर्व कैबिनेट मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य ने कहीं।
मुख्य अतिथि स्वामी प्रसाद मौर्य ने डॉ. भीमराव आंबेडकर और ज्योतिराव फूले के चित्र पर माल्यार्पण कर श्रद्धासुमन अर्पित किए। उन्होंने कहा कि समाज के वंचितों को अधिकार दिलाने का काम डॉ. आंबेडकर और ज्योतिराव फूले द्वारा किया गया है। उनके आदर्शों पर चलकर ही हम उन्हें सच्ची श्रद्धांजलि अर्पित कर सकते हैं। कहा कि कुछ लोग नवरात्र में देवियों की पूजा करते हैं, लेकिन मौका मिलने पर महिलाओं का अपमान करने में नहीं चूकते हैं।
सरकार सरकारी संस्थाओं को निजी हाथों में देने का काम कर रही है। महंगाई से आज लोग बेहाल है। राहुल गांधी की ओर इशारा करते हुए कहा कि लोकतंत्र खतरे में है। इसी कारण एक लोकसभा सदस्य की सदस्यता खत्म कर दी गई। सच बोलने पर व्यक्ति विशेष के पीछे सरकार के इशारे पर ईडी व सीबीआई लग जाती है।
पूर्व मंत्री ने स्वामी रामभद्राचार्य के मुलायम कांशीराम संबंधी बयान पर आपत्ति जताई। कहा कि उनकी हत्या के लिए लाखों रुपये की सुपारी दी जा रही है, लेकिन वह डरने वाले नहीं है। कांशीराम, मुलायम सिंह के कार्यों को आगे बढ़ाते रहेंगे। कार्यक्रम की अध्यक्षता रामसुंदर यादव और संचालन प्रदीप मांझी ने किया।
इस मौके पर बहुजन युवा एकता मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष गुड्डन राज पासी, सुरेश यादव, छविनाथ यादव, अमरनाथ मौर्य, राजीव पासी, मनोज पासी, गिरीश पासी, प्रेम यादव, किरण चौधरी, अनुराधा, दूधनाथ पटेल मौजूद रहे।
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रामचरित मानस पर विवादित बयान के बाद गृह जनपद में आयोजित कार्यक्रम में हुए शामिल बाघराय के चकवड़ निवासी पूर्व व सपा नेता मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्या ने रामचरित मानस के कुछ हिस्सों पाबंदी लगाए जाने की मांग की थी। उनका कहना था रामचरितमानस की कुछ चौपाइयों से समाज के एक बड़े तबके का जाति, वर्ण और वर्ग के आधार पर अपमान होता है। रामचरितमानस पर विवादित बयान देने के बाद लखनऊ में एफआईआर दर्ज कराई गई थी। विवादित बयान देने के बाद गरमाई सियासत के बीच पहली बार शनिवार को पूर्व मंत्री के गृह जनपद पहुंचने पर पुलिस सतर्क रही। किसी तरह कोई विवाद न हो इसके लिए सुरक्षा व्यवस्था कड़ी और पुलिस सतर्क रही।