जिले के 35 प्रतिशत ग्राहकों को ही एक जनवरी के बाद गैस सिलेंडर बुक कराने पर सब्सिडी की धनराशि ऑनलाइन खाते में मिल सकेगी। आंकड़ों के मुताबिक गैस एजेंसियों ने 49 प्रतिशत ग्राहकों को आधार कार्ड से जोड़ दिया है, मगर बैंक कर्मियों की लापरवाही के चलते अभी तक मात्र 35 प्रतिशत ही सीटीसी (गैस ट्रांसफर कम्प्लायंस) की फीडिंग हो सकी है। इससे गैस एजेंसियों की फीडिंग के बाद भी 14 प्रतिशत उपभोक्ताओं को सब्सिडी के लिए अभी कुछ दिन और इंतजार करना पडे़गा। गैस उपभोक्ताओं को सब्सिडी की राशि सीधे खाते में भेजने के लिए एक जनवरी से डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर एलपीजी (डीबीटीएल) योजना शुरू हो रही है।
उपभोक्ताओं को आधारकार्ड से जोड़ने की पहल करते हुए गैस एजेंसी और बैंक कर्मियों को बराबर की जिम्मेदारी सौंपी गई है। जिले के दो लाख तीन हजार उपभोक्ताओं का फार्म भराकर फीडिंग कराने का कार्य पिछले पांच माह से चल रहा है। गैस एजेंसियों ने अभी तक जिले के 49 प्रतिशत ग्राहकों का ब्यौरा अपनी वेबसाइट पर अपलोड कर दिया है, मगर बैंक कर्मी उनकी मदद नहीं कर रहे हैं। बैंक कर्मियों की लापरवाही का आलम यह है कि अभी तक मात्र 35 प्रतिशत उपभोक्ताओं का डिटेल वेबसाइट पर अपलोड हो सका है। बैंक कर्मियों की इस लापरवाही से 14 प्रतिशत उपभोक्ता एक जनवरी से डीबीटीएल का लाभ नहीं उठा पाएंगे। बेल्हा में फीडिंग कार्य सुस्त देखकर शासन ने अशीष कुमार को जिला समन्वयक के रूप में तैनात किया है। मंगलवार को उन्होंने जिले में कदम रखते ही गैस एजेंसियों में जाकर फीडिंग में तेजी लाने का निर्देश दिया।