बदमाशों की पिस्टल जांचते समय बृहस्पतिवार की शाम कंधई थाने में तैनात सिपाही ओम प्रकाश यादव गोली लगने से घायल हो गए। घायल सिपाही को उपचार के लिए मेडिकल कॉलेज लाया गया। सूचना पर अस्पताल पहुंचे पुलिस अफसरों ने भी घटना की जानकारी ली और सिपाही का हाल पूछा।
आजमगढ़ जनपद का रहने वाले ओम प्रकाश यादव कंधई थाने में सिपाही के पद पर तैनात हैं। बृहस्पतिवार की शाम वह थानाध्यक्ष धीरेंद्र ठाकुर के साथ दीवानगंज क्षेत्र में बदमाशों की तलाश में निकले थे। चौकी क्षेत्र में पुलिस को बाइक सवार दो संदिग्ध युवक नजर आए। पुलिस ने दोनों को रोका तो वे भागने लगे, लेकिन पुलिस ने दोनों का पीछा कर उन्हें पकड़ लिया। बदमाशों की तलाशी के दौरान उनके पास पिस्टल मिली। जिसे कब्जे में लेने के बाद उन्हें दीवानगंज पुलिस चौकी पूछताछ के लिए लाया गया। इस दौरान सिपाही ओम प्रकाश बरामद पिस्टल से कारतूस निकालने के बजाय जमीन की ओर नाल कर पिस्टल से फायर कर दिया। पत्थर से गोली टकराने के बाद ओम प्रकाश के पैर में जा लगी। गोली लगने से वह सिपाही ओम प्रकाश घायल हो गए।
सिपाही को गली लगी देख पुलिस कर्मी भी सकते में आ गए। थानाध्यक्ष घायल सिपाही को उपचार के लिए मेडिकल कॉलेज ले गए। डॉक्टरों उनका प्राथमिक उपचार करने के बाद भर्ती कर लिया। कंधई थानाध्यक्ष धीरेंद्र ठाकुर ने बताया कि पकड़े गए बदमाशों से बरामद पिस्टल चेक करने के दौरान सिपाही के पैर में गोली लग गई। उसकी हालत ठीक है। बदमाशों से पूछताछ भी नहीं हो सकी।
सिपाही ने बरती लापरवाही, हो सकती थी बड़ी घटना
थानाध्यक्ष के साथ हमराह ओम प्रकाश यादव ने बदमाशों को पकड़ने के बाद बड़ी लापरवाही बरती। तलाशी के बाद मिली पिस्टल का चैंबर चेक करने के बजाय उसे कमर में खोंस लिया। चौकी पहुंचने के बाद पिस्टल मेज पर रख दी। यहां भी किसी ने पिस्टल चेक करने से पहले उसे अनलोड करना बेहतर नहीं समझा। यदि पिस्टल की नाल जमीन की ओर न होती तो बड़ी घटना घट सकती थी।