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नदी से बालू व खेतों से मिट्टी निकाल रहे दबंग

Wed, 01 Mar 2017 12:09 AM IST
प्रतापगढ़ ब्यूरो
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रोक के बाद भी नदी से बालू व खेतों से मिट्टी का खनन धड़ल्ले से किया जा रहा है। दबंगों की मनमानी से नदी के अस्तित्व पर खतरा मंडराने लगा है। इससे लोगों में आक्रोश है। शहर व ग्रामीण अंचलों में सड़कों के निर्माण के साथ ही लगातार भवन निर्माण हो रहा है। निचले स्थान पर नए मकानों को बनाने के लिए मिट्टी की भराई होती है। सड़कों के बनाने में बालू खरीदने के बजाय सई व बकुलाही जैसी नदी से खुदाई करवाया जा रहा है। ट्रैक्टर में लदवाकर  बालू मुफ्त में लाया जा रहा है। इससे सरकार को तो राजस्व की हानि हो ही रही है वहीं नदी के अस्तित्व पर भी खतरा मंडराने लगा है। विभागीय लोग बताते हैं कि बालू वे नदियों के किनारे से ही खुदवाते हैं। कारण यह है कि नदी किनारे ही उन्हें ईंट के नीचे बिछाने लायक बालू मिलती है।
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नदी में पानी बहाव से थोड़ी दूर पर रेत की खुदाई से धारा परिवर्तित होने का खतरा बढ़ता जा रहा है। नदियों की बालू से दबंग मालामाल हो रहे हैं। नए मकानों में मिट्टी डालने का काम भी तेजी से हो रहा है। कादीपुर, गायघाट, बिहारगंज, चिलबिला, महुली, खजुरनी, भंगवा, दहिलामऊ समेत आसपास के गांव से हर दिन सैकड़ों ट्रैक्टर नदियों की बालू व खेतों से जेसीबी से मिट्टी निकालकर बेची जाती है। प्रति ट्रैक्टर पांच सौ से लेकर आठ सौ रुपये में दबंग बेचते हैं। वहीं बताया जाता है कि नियमत: कोई भी व्यक्ति बगैर खनन विभाग की अनुमति के खनन कार्य नहीं कर सकता। आरोप है कि विभाग की अनदेखी से यहां नदियों में रेत की खुदाई बेरोकटोक चल रही है। वहीं उपजिलाधिकारी सदर शशिभूषण राय का कहना है कि कोई भी नदी की रेत व खेत से मिट्टी खोद रहा है तो गलत है। वह इसकी जांच करवाएंगे और आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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